जिप अध्यक्ष सरोजा देवी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव, बक्सर की राजनीति में उबाल
जिला परिषद बक्सर की राजनीति सोमवार को उस समय गरमा गई, जब निर्वाचित जिप सदस्यों के एक समूह ने अध्यक्ष सरोजा देवी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश कर दिया। बिहार पंचायत राज अधिनियम, 2006 की धारा 70(4)(1) के तहत लाए गए इस प्रस्ताव ने परिषद के अंदरूनी हालात को सार्वजनिक कर दिया है।

__ 10 सदस्यों ने कार्यशैली व वित्तीय अनियमितता पर उठाए सवाल, विशेष बैठक की मांग तेज
केटी न्यूज/बक्सर।
जिला परिषद बक्सर की राजनीति सोमवार को उस समय गरमा गई, जब निर्वाचित जिप सदस्यों के एक समूह ने अध्यक्ष सरोजा देवी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश कर दिया। बिहार पंचायत राज अधिनियम, 2006 की धारा 70(4)(1) के तहत लाए गए इस प्रस्ताव ने परिषद के अंदरूनी हालात को सार्वजनिक कर दिया है।अविश्वास प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करने वाले सदस्यों में विद्या भारती, रीता कुमारी, मौली देवी, कुसुम देवी और शहाना खातून समेत कुल 10 सदस्य शामिल हैं। इन सदस्यों ने अध्यक्ष की कार्यशैली पर गंभीर आरोप लगाते हुए इसे मनमानीपूर्ण और पारदर्शिता से दूर बताया है।

उनका कहना है कि पिछले तीन महीनों से सामान्य बैठक नहीं बुलाना, कार्यवाही पंजी में कथित छेड़छाड़ करना और योजनाओं के क्रियान्वयन में भेदभावपूर्ण रवैया अपनाना लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ है।सदस्यों ने यह भी आरोप लगाया है कि अध्यक्ष द्वारा अपने क्षेत्र में अपेक्षाकृत अधिक राशि खर्च की गई, जबकि अन्य क्षेत्रों की उपेक्षा की गई। इसके साथ ही शक्तियों के दुरुपयोग और वित्तीय अनियमितता जैसे गंभीर आरोप भी प्रस्ताव में शामिल किए गए हैं। इन आरोपों ने जिला परिषद की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़ा कर दिया है।

अविश्वास प्रस्ताव की प्रतिलिपि उप विकास आयुक्त-सह-कार्यपालक पदाधिकारी एवं जिला पदाधिकारी को भी भेज दी गई है, जिससे प्रशासनिक स्तर पर हलचल तेज हो गई है। सूत्रों के मुताबिक, अब प्रशासन द्वारा जल्द ही विशेष बैठक बुलाए जाने की संभावना है, जिसमें मत विभाजन के जरिए अध्यक्ष के भविष्य पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान पर्याप्त समर्थन मिलता है, तो अध्यक्ष की कुर्सी पर संकट गहरा सकता है। फिलहाल जिले की सियासत इस घटनाक्रम को लेकर पूरी तरह गरमाई हुई है और सभी की निगाहें प्रस्ताव पर होने वाली आगामी बैठक पर टिकी हैं।

