मकर संक्रांति पर बक्सर के आध्यात्मिक भविष्य को लेकर मंथन, वामन नगरी के संरक्षण पर जोर
मकर संक्रांति के पावन अवसर पर बुधवार को बक्सर के बाइपास रोड स्थित एक निजी होटल में भगवान वामन चेतना मंच के तत्वावधान में उत्सव सह संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बक्सर की आध्यात्मिक पहचान को सुदृढ़ करना और इसे राष्ट्रीय धार्मिक मानचित्र पर स्थापित करने को लेकर व्यापक विमर्श करना रहा।
केटी न्यूज/बक्सर
मकर संक्रांति के पावन अवसर पर बुधवार को बक्सर के बाइपास रोड स्थित एक निजी होटल में भगवान वामन चेतना मंच के तत्वावधान में उत्सव सह संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बक्सर की आध्यात्मिक पहचान को सुदृढ़ करना और इसे राष्ट्रीय धार्मिक मानचित्र पर स्थापित करने को लेकर व्यापक विमर्श करना रहा।संगोष्ठी की अध्यक्षता मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष मृत्युंजय तिवारी ने की, जबकि संचालन प्रमोद कुमार चौबे ने किया। कार्यक्रम की भूमिका रखते हुए प्रकाश पांडेय ने कहा कि भगवान वामन की जन्मस्थली बक्सर की ऐतिहासिक और धार्मिक विरासत को संरक्षित करते हुए यदि पंचकोसी कॉरिडोर जैसे भव्य धार्मिक परियोजना का निर्माण किया जाए तो इससे न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि बक्सर को अब तक वह सम्मान नहीं मिल पाया है, जिसका वह धार्मिक दृष्टि से अधिकारी है। संगोष्ठी में बक्सर को “अध्यात्मिक नगरी” के रूप में विकसित करने, धार्मिक आयोजनों को संगठित स्वरूप देने तथा भगवान वामन से जुड़ी परंपराओं को जन-जन तक पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया गया।विशेष रूप से वामन द्वादशी के अवसर पर निकलने वाली भगवान वामन रथयात्रा को और अधिक भव्य एवं जनसहभागिता से युक्त बनाने के लिए व्यापक संपर्क अभियान चलाने का निर्णय लिया गया।

मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने संगठन के विस्तार, नई टीमों के गठन और युवाओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर देते हुए सभी सदस्यों से सक्रिय योगदान की अपील की।कार्यक्रम के दौरान प्रांतीय एवं शाहाबाद क्षेत्र के लिए नई टीम की घोषणा भी की गई। अंत में भगवान वामन भोग के रूप में दही-चूड़ा का प्रसाद सैकड़ों श्रद्धालुओं के बीच वितरित किया गया तथा अतिथियों को भगवान वामन का मोमेंटो भेंट कर सम्मानित किया गया।इस अवसर पर पूर्व विधायक मुन्ना तिवारी, शाहपुर विधायक राकेश ओझा, पीतांबर जी महाराज सहित कई सामाजिक, धार्मिक एवं बौद्धिक क्षेत्र के गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

