मैट्रिक परीक्षा में बदली तस्वीर: डुमरांव इंटर कॉलेज बना अनुशासन और नवाचार का प्रतीक
डुमरांव में इस वर्ष मैट्रिक परीक्षा सिर्फ एक शैक्षणिक प्रक्रिया नहीं रही, बल्कि अनुशासन, नवाचार और सकारात्मक वातावरण का उदाहरण बन गई। शहर स्थित डुमरांव इंटर कॉलेज को मॉडल परीक्षा केंद्र के रूप में विकसित कर प्रशासन ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि बोर्ड परीक्षा को भयमुक्त और व्यवस्थित बनाया जा सकता है।
केटी न्यूज/डुमरांव
डुमरांव में इस वर्ष मैट्रिक परीक्षा सिर्फ एक शैक्षणिक प्रक्रिया नहीं रही, बल्कि अनुशासन, नवाचार और सकारात्मक वातावरण का उदाहरण बन गई। शहर स्थित डुमरांव इंटर कॉलेज को मॉडल परीक्षा केंद्र के रूप में विकसित कर प्रशासन ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि बोर्ड परीक्षा को भयमुक्त और व्यवस्थित बनाया जा सकता है।मंगलवार को पहली पाली की परीक्षा के साथ ही केंद्र पर व्यवस्थाओं की सख्ती और संवेदनशीलता दोनों की झलक देखने को मिली। प्रवेश द्वार से लेकर परीक्षा कक्ष तक हर स्तर पर सुव्यवस्थित प्रबंधन किया गया था।

परीक्षार्थियों की सघन जांच के बाद ही प्रवेश दिया गया, जबकि पूरे परिसर की निगरानी सीसीटीवी कैमरों के जरिए की जा रही है। कदाचार रोकने के लिए दंडाधिकारी और पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की गई है, जिससे परीक्षा शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो सके।केंद्राधीक्षक फरहत अफसा ने बताया कि मॉडल परीक्षा केंद्र का उद्देश्य केवल नियमों का पालन कराना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को आत्मविश्वास से भरना भी है। परीक्षा केंद्र की साफ-सफाई, पेयजल की व्यवस्था और सुव्यवस्थित बैठने की योजना ने छात्रों को एक सकारात्मक संदेश दिया।

परीक्षार्थियों ने भी माना कि इस बार परीक्षा केंद्र पर उन्हें अलग तरह का अनुभव हुआ। सख्ती के साथ-साथ सहयोगात्मक वातावरण ने उनका तनाव कम किया और वे अधिक एकाग्र होकर परीक्षा दे सके।डुमरांव इंटर कॉलेज का यह मॉडल अब अन्य परीक्षा केंद्रों के लिए भी एक मिसाल बनता दिख रहा है, जहां अनुशासन और संवेदनशीलता का संतुलन स्थापित कर परीक्षा प्रक्रिया को नई दिशा देने की कोशिश की गई है।

