नो एंट्री उल्लंघन और ओवरलोड पर पुलिस का शिकंजा कसा
शहर में लगातार बढ़ते जाम, अव्यवस्थित वाहनों की आवाजाही और परिवहन नियमों की अनदेखी पर अनुमंडल पुलिस ने सख्ती की नई मिसाल पेश की है। मंगलवार को डुमरांव और नया भोजपुर पुलिस ने संयुक्त रूप से अभियान चलाकर नो एंट्री के उल्लंघन और ओवरलोड परिचालन में पकड़े गए ट्रकों से कुल 2.45 लाख रुपए का जुर्माना वसूला। पुलिस की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से ट्रक चालकों में हड़कंप मचा हुआ है।

केटी न्यूज/डुमरांव
शहर में लगातार बढ़ते जाम, अव्यवस्थित वाहनों की आवाजाही और परिवहन नियमों की अनदेखी पर अनुमंडल पुलिस ने सख्ती की नई मिसाल पेश की है। मंगलवार को डुमरांव और नया भोजपुर पुलिस ने संयुक्त रूप से अभियान चलाकर नो एंट्री के उल्लंघन और ओवरलोड परिचालन में पकड़े गए ट्रकों से कुल 2.45 लाख रुपए का जुर्माना वसूला। पुलिस की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से ट्रक चालकों में हड़कंप मचा हुआ है।गौरतलब है कि सोमवार को भी डुमरांव पुलिस ने नो एंट्री तोड़ने वाले 34 ट्रकों से 1.60 लाख रुपए का जुर्माना वसूला था। लगातार दूसरे दिन की इस सघन कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि नियम तोड़ने वालों पर कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
-- शहर को जाम से मुक्ति दिलाना लक्ष्य - डुमरांव थानाध्यक्ष
डुमरांव थानाध्यक्ष संजय कुमार सिन्हा ने बताया कि शहर को जाम की समस्या से राहत दिलाना तथा वाहन चालकों को परिवहन नियमों के पालन के प्रति जागरूक करना प्राथमिक उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि नो एंट्री और ओवरलोडिंग से शहर की सड़कों पर अनावश्यक दबाव बढ़ता है। इससे न केवल जाम लगता है बल्कि दुर्घटनाओं की संभावना भी रहती है। इसलिए पुलिस इस अभियान को नियमित रूप से जारी रखेगी।
-- नया भोजपुर में 60 हजार की वसूली
वहीं नया भोजपुर थानाध्यक्ष चंदन कुमार ने बताया कि एनएच-922 पर ओवरलोड ट्रकों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। मंगलवार को अभियान के दौरान ओवरलोड परिचालन करते पकड़े गए वाहनों से 60 हजार रुपए का जुर्माना वसूला गया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कोई भी वाहन चालक परिवहन नियमों का उल्लंघन करता पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई अनिवार्य है।
-- नो एंट्री के दौरान भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित
डुमरांव में प्रतिदिन सुबह 8 बजे से रात 9 बजे तक नो एंट्री लागू रहती है। इस अवधि में भारी वाहनों का शहरी क्षेत्र में प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसके बावजूद ट्रक चालक शहर की परिधि पर ट्रकों को खड़ा कर नो एंट्री खुलने का इंतजार करते रहे, जिससे शहर के प्रवेश द्वारों पर लंबी लाइन और जाम की स्थिति बनती थी।
-- ट्रक चालकों की मनमानी से बिगड़ रही थी व्यवस्था
पुलिस की बार-बार की चेतावनी के बाद भी ट्रक चालक नियमों की अनदेखी कर रहे थे। टेढ़की पुल से आगे ट्रक खड़ा करने का स्पष्ट निर्देश दिया गया था, ताकि शहर की सीमा में जाम न हो। शुरुआत में चालक निर्देश का पालन करते दिखे, लेकिन कुछ ही दिनों में मनमानी शुरू हो गई।बता दें कि ट्रकों के सड़क किनारे खड़े रहने से जाम की समस्या बढ़ गई है। कई बार दुर्घटनाएं भी हुईं तथा शहर में विधि-व्यवस्था की स्थिति प्रभावित हुई। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने फिर से कड़ा रुख अपनाते हुए विशेष अभियान शुरू किया।
-- किसी को छूट नहीं, अभियान रहेगा जारी
दोनों थानाध्यक्षों ने कहा कि परिवहन नियमों को ताक पर रखकर शहर की व्यवस्था के साथ खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।थानाध्यक्षों ने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने पर कड़ी कार्रवाई होगी। शहर की शांति, सुरक्षा और यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह आवश्यक है।
-- पुलिस की सख्ती से शहरवासियों को राहत की उम्मीद
लगातार चल रहे इस अभियान से शहरवासियों को उम्मीद है कि जाम, अव्यवस्था और दुर्घटनाओं की घटनाओं पर लगाम लगेगी। पुलिस की सक्रियता ने यह संदेश दे दिया है कि शहरी यातायात में सुधार अब प्रशासन की प्राथमिकता है, और नियमों का पालन न करने वालों पर आगे भी शिकंजा कसता रहेगा।
