सड़क की ढलाई पर उठे सवाल, एसडीएम ने बैठाई जांच की निगरानी
डुमरांव शहर को एनएच-922 से जोड़ने वाली शक्ति द्वार–जंगलीनाथ मार्ग की निर्माणाधीन सड़क को लेकर शुक्रवार को विवाद गहरा गया। सड़क निर्माण में मानकों की अनदेखी और गुणवत्ता से समझौते का आरोप लगाते हुए स्थानीय लोगों और युवाओं ने मोर्चा खोल दिया।

__ शक्ति द्वार–जंगलीनाथ मार्ग के निर्माण में मानक से कम मोटाई और घटिया सामग्री के आरोप, 50 से अधिक लोगों ने सौंपा शिकायत-पत्र
केटी न्यूज/डुमरांव।
डुमरांव शहर को एनएच-922 से जोड़ने वाली शक्ति द्वार–जंगलीनाथ मार्ग की निर्माणाधीन सड़क को लेकर शुक्रवार को विवाद गहरा गया। सड़क निर्माण में मानकों की अनदेखी और गुणवत्ता से समझौते का आरोप लगाते हुए स्थानीय लोगों और युवाओं ने मोर्चा खोल दिया। 50 से अधिक लोगों के हस्ताक्षरयुक्त शिकायत-पत्र के साथ एसडीएम राजीव कुमार से मिलकर निर्माण कार्य की तकनीकी जांच और इस्तेमाल हो रही सामग्री की लैब जांच कराने की मांग की गई। शिकायत के बाद एसडीएम ने ग्रामीण कार्य विभाग के अधिकारियों को मौके पर निगरानी के साथ काम कराने और आरोपों की जांच कर कार्रवाई का निर्देश दिया है।स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क की पीसीसी ढलाई निर्धारित मानक के अनुरूप नहीं हो रही है।

कई स्थानों पर पांच इंच की जगह करीब तीन इंच या उससे भी कम मोटाई में ढलाई किए जाने की बात कही गई है। लोगों ने निर्माण में इस्तेमाल हो रही सामग्री की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग होने के बावजूद निर्माण में गुणवत्ता का पर्याप्त ध्यान नहीं रखा गया तो सड़क जल्द ही क्षतिग्रस्त हो सकती है।हालांकि ग्रामीण कार्य विभाग ने इन आरोपों से इतर निर्माण को प्राक्कलन के अनुरूप बताया है। कनीय अभियंता विनोद कुमार के अनुसार सड़क की चौड़ाई 12 फीट और पीसीसी ढलाई की निर्धारित मोटाई पांच इंच है। विभाग का दावा है कि निर्माण कार्य तय एस्टीमेट के अनुसार ही कराया जा रहा है।

__ प्राक्कलन बोर्ड भी सवालों के घेरे में
निर्माण कार्य को लेकर एक और गंभीर सवाल प्राक्कलन बोर्ड को लेकर उठाया गया है। लोगों का कहना है कि कार्यस्थल पर योजना से संबंधित बोर्ड नहीं लगाया गया है। विभाग के अनुसार बोर्ड आरा-बक्सर फोरलेन के समीप सब्जी मंडी के पास लगाया गया है। हालांकि विभाग ने खुद स्वीकार किया कि बोर्ड पर योजना का नाम गलत अंकित है। शक्ति द्वार की जगह रामपुर मठिया लिखा गया है।बोर्ड के मुताबिक योजना की कुल लंबाई 2.950 किलोमीटर है, जिसमें 1.700 किलोमीटर बिटुमिनस और 1.250 किलोमीटर पीसीसी सड़क का निर्माण होना है। योजना की लागत करीब दो करोड़ रुपये बताई जा रही है।

__ लैब जांच की मांग, सामने आएगी हकीकत
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि निर्माणाधीन सड़क की तकनीकी जांच के साथ ढलाई की मोटाई की माप कराई जाए तथा सीमेंट, गिट्टी और अन्य निर्माण सामग्री के नमूने लेकर अधिकृत लैब से जांच कराई जाए। सहायक अभियंता श्रीयांस कुमार ने कहा कि शिकायत मिलने पर गुणवत्ता की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
__ कहते हैं एसडीएम
“लोगों से शिकायतें मिली हैं। ग्रामीण कार्य विभाग के अधिकारियों को पूरी पारदर्शिता के साथ काम कराने का निर्देश दिया गया है। गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शिकायतों की जांच कराई जाएगी और गड़बड़ी की पुष्टि होने पर कार्रवाई होगी।”

— राजीव कुमार, एसडीएम, डुमरांव
