बक्सर में एलपीजी आपूर्ति पर सख्ती, कालाबाजारी पर कार्रवाई तेज
जिले में रसोई गैस (एलपीजी) की आपूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। जिला आपूर्ति पदाधिकारी के अनुसार बक्सर में इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कंपनियों के अंतर्गत कुल 27 गैस एजेंसियां कार्यरत हैं। इनमें इंडियन ऑयल की 13, भारत पेट्रोलियम की 6 और हिंदुस्तान पेट्रोलियम की 8 एजेंसियां शामिल हैं।

__ 27 एजेंसियों के जरिए गैस वितरण, 25–45 दिन बाद ही बुकिंग की अनुमति; 1288 शिकायतों का त्वरित निपटारा
केटी न्यूज/बक्सर:
जिले में रसोई गैस (एलपीजी) की आपूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। जिला आपूर्ति पदाधिकारी के अनुसार बक्सर में इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कंपनियों के अंतर्गत कुल 27 गैस एजेंसियां कार्यरत हैं। इनमें इंडियन ऑयल की 13, भारत पेट्रोलियम की 6 और हिंदुस्तान पेट्रोलियम की 8 एजेंसियां शामिल हैं।जिले में घरेलू उपभोक्ताओं की संख्या भी बड़ी है। इंडियन ऑयल के 2,02,360, भारत पेट्रोलियम के 57,517 और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के 90,668 उपभोक्ता हैं। 13 मार्च से 5 मई 2026 के बीच कुल 2,37,889 गैस सिलेंडर वितरित किए गए, जबकि 5 मई तक एजेंसियों के पास 4,918 सिलेंडर का भंडार शेष था।

औसतन प्रतिदिन 6,419 सिलेंडर की मांग के मुकाबले 5,525 सिलेंडर की आपूर्ति हो रही है। वर्तमान में 26,761 रिफिल बुकिंग लंबित हैं, जिससे लगभग 4.7 दिन का बैकलॉग बना हुआ है।प्रशासन ने व्यवस्था को संतुलित रखने के लिए नियम तय किया है कि शहरी उपभोक्ता 25 दिन और ग्रामीण उपभोक्ता 45 दिन के बाद ही नया सिलेंडर बुक कर सकेंगे। जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए सभी एजेंसियों पर दंडाधिकारी और पुलिस की तैनाती की गई है। नियमित जांच भी जारी है और अब तक ऐसे मामलों में 2 प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी हैं।5 मई को चार गैस एजेंसियों और अन्य प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया गया। शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए नियंत्रण कक्ष स्थापित है, जहां प्राप्त 1,288 शिकायतों का निपटारा कर दिया गया है।

प्रवासी मजदूरों के लिए 5 किलोग्राम के छोटे सिलेंडर की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं शादी-ब्याह जैसे आयोजनों के लिए वाणिज्यिक गैस आपूर्ति हेतु आवेदन की प्रक्रिया तय की गई है। अब तक बक्सर अनुमंडल में 629 और डुमरांव में 501 आवेदन प्राप्त हुए हैं।जिलाधिकारी लगातार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा कर रहे हैं, ताकि आम उपभोक्ताओं को समय पर गैस मिल सके।

