द एमिटी स्कूल सोनवर्षा का 10वां वार्षिकोत्सव धूमधाम से संपन्न, छात्रों की रंगारंग प्रस्तुतियों ने बांधा समां

सोनवर्षा स्थित द एमिटी स्कूल का 10वां वार्षिकोत्सव शनिवार को धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से ऐसा समां बांधा कि उपस्थित अभिभावक और अतिथि कार्यक्रम की शुरुआत से अंत तक मंत्रमुग्ध होकर बैठे रहे। कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती की वंदना से हुई, जिसके बाद स्वागत गीत और राधव जी के गउवा भजन की मधुर प्रस्तुति दी गई। वार्षिकोत्सव में छात्रों ने एक से बढ़कर एक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।

द एमिटी स्कूल सोनवर्षा का 10वां वार्षिकोत्सव धूमधाम से संपन्न, छात्रों की रंगारंग प्रस्तुतियों ने बांधा समां

-- तेरी उंगली पकड़ के चला, ममता के आंचल में पाला” गीत पर नन्हे बच्चों के नृत्य ने दर्शकों का दिल जीत लिया

-- नाटक के माध्यम से छात्रों ने संस्कृत सभ्यता और प्राचीन ग्रंथों से दूर होती नई पीढ़ी को लेकर एक प्रस्तुति दी

केटी न्यूज/नावानगर

सोनवर्षा स्थित द एमिटी स्कूल का 10वां वार्षिकोत्सव शनिवार को धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से ऐसा समां बांधा कि उपस्थित अभिभावक और अतिथि कार्यक्रम की शुरुआत से अंत तक मंत्रमुग्ध होकर बैठे रहे। कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती की वंदना से हुई, जिसके बाद स्वागत गीत और राधव जी के गउवा भजन की मधुर प्रस्तुति दी गई। वार्षिकोत्सव में छात्रों ने एक से बढ़कर एक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। “तेरी उंगली पकड़ के चला, ममता के आंचल में पाला” गीत पर नन्हे बच्चों के नृत्य ने दर्शकों का दिल जीत लिया।

इसके अलावा “तू कितनी अच्छी है तू कितनी प्यारी है”, “उड़ी रे उड़ी रे पतंग”, “सांसों की माला पे सिमरूं में पी का नाम”, “पापा कहते हैं मेरा नाम करेगा”, “जो केसरी के लाल”, “मेरा जूता है जापानी”, “देवा श्री गणेश”, “खली बली हो गया है दिल” और “आई लव माय इंडिया” जैसे लोकप्रिय गीतों पर भी छात्रों ने शानदार नृत्य प्रस्तुत कर खूब तालियां बटोरीं। कार्यक्रम में पारंपरिक संस्कृति की झलक भी देखने को मिली। छात्र-छात्राओं ने सोहर गीत, छठ गीत और चौता गायन पर प्रस्तुति देकर स्थानीय संस्कृति और परंपराओं को जीवंत कर दिया। वहीं “बहन ने भाई के कलाई पर” और “बाबुल दे दो दुआ” जैसे गीतों पर भावपूर्ण नृत्य ने दर्शकों को भावुक भी कर दिया।

इसके अलावा छात्रों ने दहेज प्रथा जैसी सामाजिक कुरीति पर आधारित नाटक प्रस्तुत कर समाज को जागरूक करने का संदेश दिया। साथ ही संस्कृत सभ्यता और प्राचीन ग्रंथों से दूर होती नई पीढ़ी को लेकर भी एक नाट्य प्रस्तुति दी गई, जिसने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया। कार्यक्रम का उद्घाटन डुमरांव एसडीएम राकेश कुमार, विद्यालय के डायरेक्टर अमरेंद्र राजेश, नवोदय विद्यालय नावानगर के प्राचार्य कौशल कुमार, प्रो. मृत्युंजय सिंह, नीति आयोग के दिनेश सिंह, राजेंद्र हॉस्पिटल के डायरेक्टर डॉ. अनिल सिंह, बिहिया जेएनवी के प्राचार्य पीसी राय तथा औरंगाबाद जेएनवी के प्राचार्य आरके तिवारी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।