डुमरांव साहित्य महोत्सव 2025 में भोजपुरी संस्कृति की गूंज, नवीन नितेश बने ‘राष्ट्रीय साहित्य रत्न’

आर एस एजुकेशनल फाउंडेशन के तत्वावधान में अनुमंडल के सिमरी प्रखंड अंतर्गत बड़का सिंहनपुरा स्थित त्यागी रॉयल पैलेस में आयोजित डुमरांव साहित्य महोत्सव 2025 साहित्य, संस्कृति और कला का भव्य संगम बनकर उभरा। राष्ट्रीय साहित्योदय भोजपुरी सरधा मंच के बैनर तले आयोजित इस महोत्सव में बिहार, झारखंड, बंगाल, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों से आए कवि, लेखक, गायक और कॉमेडी कलाकारों ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

डुमरांव साहित्य महोत्सव 2025 में भोजपुरी संस्कृति की गूंज, नवीन नितेश बने ‘राष्ट्रीय साहित्य रत्न’

-- त्यागी रॉयल पैलेस में जुटे देशभर के साहित्यकार, कलाकारों की प्रस्तुतियों ने मोहा मन

केटी न्यूज/डुमरांव

आर एस एजुकेशनल फाउंडेशन के तत्वावधान में अनुमंडल के सिमरी प्रखंड अंतर्गत बड़का सिंहनपुरा स्थित त्यागी रॉयल पैलेस में आयोजित डुमरांव साहित्य महोत्सव 2025 साहित्य, संस्कृति और कला का भव्य संगम बनकर उभरा। राष्ट्रीय साहित्योदय भोजपुरी सरधा मंच के बैनर तले आयोजित इस महोत्सव में बिहार, झारखंड, बंगाल, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों से आए कवि, लेखक, गायक और कॉमेडी कलाकारों ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

महोत्सव के दौरान भोजपुरी की सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने वाले विभूतियों के नाम पर स्थापित भिखारी ठाकुर, शारदा सिन्हा, लता मंगेशकर एवं राष्ट्रीय साहित्य रत्न जैसे प्रतिष्ठित सम्मानों से कई कलाकारों को नवाजा गया। इसी क्रम में डुमरी निवासी युवा साहित्यकार एवं कलाकार नवीन नितेश पांडेय को उनके साहित्यिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक योगदान के लिए “राष्ट्रीय साहित्य रत्न अवॉर्ड” से सम्मानित किया गया। यह सम्मान संस्था के संस्थापक पंकज भूषण पाठक, संपादक संतोष ओझा, उपाध्यक्ष शैलेश प्रताप सिंह ‘शौर्य’ एवं समाजसेवी ऋषिकेश ओझा त्यागी द्वारा प्रदान किया गया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संदेश विधायक राधा चरण सेठ, बक्सर विधायक आनंद मिश्रा, डुमरांव विधायक राहुल सिंह सहित नंद तिवारी बाबा, लेखक लहरी बाबा और अन्य विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे। मंच से सम्मान प्राप्त करने के बाद नवीन नितेश ने अपनी चर्चित काव्य रचना “मैं आपके मौन का विस्तार दूंगा” का प्रभावशाली पाठ किया। उन्होंने कलाकारों को संबोधित करते हुए कहा कि कला किसी उम्र की मोहताज नहीं होती, सफलता उसी को मिलती है जो निरंतर मेहनत करता है।

भोजपुरी भाषा और संस्कृति पर अपने विचार रखते हुए नवीन नितेश ने कहा कि भोजपुरी हमारी सांस्कृतिक धरोहर है, जिसे साहित्य और काव्य के माध्यम से देशभर में पहचान मिल रही है। “हां, हम बिहारी हैं, एक बिहारी सौ पर भारी” जैसे संवादों पर श्रोताओं ने तालियों से उत्साह बढ़ाया। उनकी हिंदी-भोजपुरी मिश्रित शायरी और हास्य प्रस्तुति को खूब सराहा गया।नवीन नितेश को इससे पूर्व भी देश के विभिन्न राज्यों में कई प्रतिष्ठित सम्मान मिल चुके हैं। वर्ष 2018 से 2025 तक उन्होंने 90 से अधिक महोत्सवों में सहभागिता की है।

दूरदर्शन, न्यूज 18, संसद टीवी, ज़ी टीवी एवं भोजपुरी सिनेमा जैसे मंचों पर अपनी पहचान बना चुके नितेश का उद्देश्य लोक संस्कृति की धरोहर को संरक्षित करना और युवाओं में संगीत के प्रति रुचि जगाना है।इस आयोजन में भोजपुरी साहित्य की कलाकार ममता चौबे, वैष्णवी राय, आयशा मिश्रा, आरती वर्मा, डिम्पल एवं पृथ्वी राय सहित अनेक कलाकारों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। अपने ही जिले में मिले इस राष्ट्रीय सम्मान से स्थानीय लोगों में हर्ष का माहौल रहा और नवीन नितेश को बधाइयों का तांता लगा रहा।