चार साल से मौत का खतरा झेल रहे ग्रामीण, बिजली तार नहीं बदला तो आंदोलन की चेतावनी

दक्षिणी नैनीजोर पंचायत में बिजली विभाग की लापरवाही को लेकर ग्रामीणों का सब्र आखिरकार जवाब दे गया। चार वर्षों से जर्जर और जानलेवा विद्युत तारों को बदलने की मांग पूरी नहीं होने से नाराज ग्रामीण गुरुवार को सड़क पर उतर आए।

चार साल से मौत का खतरा झेल रहे ग्रामीण, बिजली तार नहीं बदला तो आंदोलन की चेतावनी

केटी न्यूज/ब्रह्मपुर।

दक्षिणी नैनीजोर पंचायत में बिजली विभाग की लापरवाही को लेकर ग्रामीणों का सब्र आखिरकार जवाब दे गया। चार वर्षों से जर्जर और जानलेवा विद्युत तारों को बदलने की मांग पूरी नहीं होने से नाराज ग्रामीण गुरुवार को सड़क पर उतर आए। ग्रामीणों ने बिजली विभाग के खिलाफ धरना शुरू करते हुए स्पष्ट चेतावनी दी कि दो दिनों के भीतर समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को आमरण अनशन में बदल दिया जाएगा।ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत में 200 केवी के ट्रांसफार्मर से जुड़े उपभोक्ताओं के घरों तक बिजली पहुंचाने वाले तार लंबे समय से बेहद जर्जर हालत में हैं। कई स्थानों पर तार इतने कमजोर हो चुके हैं कि उनके टूटकर जमीन पर गिरने का खतरा बना रहता है।

ब्रह्मपुर-नैनीजोर मुख्य मार्ग से गुजरने वाले इन तारों के कारण राहगीरों के साथ-साथ मवेशियों की सुरक्षा भी खतरे में है। ग्रामीणों के अनुसार पूर्व में तार गलकर नीचे गिरने की घटनाएं भी हो चुकी हैं।धरने पर बैठे लोगों ने आरोप लगाया कि समस्या को लेकर बिजली विभाग के कनिष्ठ अभियंता से लेकर अधीक्षण अभियंता तक कई बार शिकायत की गई। जनप्रतिनिधियों के स्तर से भी अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराया गया, लेकिन आश्वासन के अलावा कोई ठोस पहल नहीं हुई। चार साल तक लगातार उपेक्षा के बाद ग्रामीणों ने अब आर-पार की लड़ाई का निर्णय लिया है।

धरनार्थियों ने कहा कि जर्जर तार बदलने के साथ जहां जरूरत है, वहां नए बिजली पोल भी लगाए जाएं। उनका कहना है कि विभाग की अनदेखी किसी दिन बड़े हादसे का कारण बन सकती है। ऐसे में हादसे के बाद कार्रवाई करने के बजाय विभाग को पहले ही सुरक्षा के जरूरी इंतजाम करने चाहिए।ग्रामीणों ने दो दिनों की समय-सीमा तय करते हुए कहा कि इस दौरान तार नहीं बदले गए तो धरना आमरण अनशन में तब्दील किया जाएगा। धरने में मुखिया गौरी शंकर तिवारी, भाजपा नेता अरविंद उपाध्याय, उपमुखिया कमलानंद तिवारी, प्रदीप कुमार, डॉ. हरेराम तिवारी, अभय पांडेय, ठाकुर प्रसाद, गजेंद्र तिवारी और रामजी तिवारी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल रहे।