विश्वकर्मा कारीगरों को मिला नया मंच, बक्सर में तीन दिवसीय हस्तशिल्प मेला शुरू

सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विकास कार्यालय, पटना की ओर से प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत बक्सर के बाजार समिति रोड में बुधवार से तीन दिवसीय प्रदर्शनी सह व्यापार मेला का शुभारंभ किया गया। यह मेला 18 से 20 मार्च तक आयोजित किया जाएगा, जिसमें जिले सहित आसपास के क्षेत्रों के कारीगर अपने उत्पादों का प्रदर्शन कर रहे हैं।

विश्वकर्मा कारीगरों को मिला नया मंच, बक्सर में तीन दिवसीय हस्तशिल्प मेला शुरू

__ पारंपरिक शिल्प को बढ़ावा, कारीगरों को बाजार से जोड़ने की पहल

केटी न्यूज/बक्सर

सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विकास कार्यालय, पटना की ओर से प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत बक्सर के बाजार समिति रोड में बुधवार से तीन दिवसीय प्रदर्शनी सह व्यापार मेला का शुभारंभ किया गया। यह मेला 18 से 20 मार्च तक आयोजित किया जाएगा, जिसमें जिले सहित आसपास के क्षेत्रों के कारीगर अपने उत्पादों का प्रदर्शन कर रहे हैं।मेले का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को एक सशक्त मंच प्रदान करना है, ताकि वे अपने उत्पादों का प्रदर्शन कर सकें, उनकी बिक्री सुनिश्चित हो और उन्हें व्यापक बाजार से जुड़ने का अवसर मिले।

इस पहल से कारीगरों को आत्मनिर्भर बनने में भी सहायता मिल रही है।कार्यक्रम का उद्घाटन सहायक निदेशक (ग्रेड-1) एस. के. अग्निहोत्री ने किया। उन्होंने उपस्थित अतिथियों और प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह योजना कारीगरों के कौशल विकास और उन्हें आर्थिक रूप  से मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।इस अवसर पर सहायक निदेशक संतोष कुमार साहू ने मेले की रूपरेखा और उद्देश्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस प्रकार के आयोजन से स्थानीय कारीगरों को न केवल बाजार मिलता है, बल्कि उनके उत्पादों की पहचान और ब्रांड निर्माण में भी सहायता मिलती है।

इससे उनकी आय में भी वृद्धि होती है।जिलाधिकारी साहिला ने डुमरांव के प्रसिद्ध सिंधोरा निर्माण जैसे पारंपरिक हस्तशिल्प की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ऐसी कलाएं हमारी सांस्कृतिक धरोहर हैं। इन्हें संरक्षित करना और आगे बढ़ाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कारीगरों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि वे अपने हुनर को नई तकनीकों से जोड़ें और अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं।कार्यक्रम के दौरान जिला पदाधिकारी एवं अन्य अतिथियों ने लगभग 60 विश्वकर्मा कारीगरों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण किया। उन्होंने कारीगरों को अपने उत्पादों की ऑनलाइन बिक्री करने और ई-मार्केट प्लेटफॉर्म से जुड़ने के लिए प्रेरित किया, ताकि वे बड़े बाजार तक पहुंच बना सकें।

इस मौके पर जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक, अग्रणी जिला प्रबंधक तथा राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान के संयुक्त निदेशक सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।कार्यक्रम के सफल संचालन में  हर्ष, विद्या भूषण पाठक, अंकेश कुमार, जितेंद्र कुमार, अयोध्या चौधरी और अभय कुमार सहित अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।यह तीन दिवसीय मेला कारीगरों के लिए एक सुनहरा अवसर बनकर सामने आया है, जहां वे अपने उत्पादों का प्रदर्शन करने के साथ-साथ सीधे ग्राहकों से जुड़ रहे हैं। यह आयोजन आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक सराहनीय प्रयास माना जा रहा है।