नावानगर कोका-कोला प्लांट में मजदूरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू, श्रम अधिकारों को लेकर हुआ धरना प्रदर्शन
नावानगर स्थित एसएलएमजी बेवरेजेज (कोका-कोला प्लांट) में कार्यरत मजदूरों ने अपनी विभिन्न मांगों एवं श्रम अधिकारों को लेकर सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल और कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया। मजदूरों ने कंपनी के मुख्य गेट पर धरना देते हुए प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में मजदूरों के साथ कई राजनीतिक एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए।


केटी न्यूज/केसठ/नावानगर।
नावानगर स्थित एसएलएमजी बेवरेजेज (कोका-कोला प्लांट) में कार्यरत मजदूरों ने अपनी विभिन्न मांगों एवं श्रम अधिकारों को लेकर सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल और कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया। मजदूरों ने कंपनी के मुख्य गेट पर धरना देते हुए प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में मजदूरों के साथ कई राजनीतिक एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए।धरना पर बैठे मजदूरों का आरोप है कि कंपनी एवं उसकी वेंडर कंपनी रांसा रियलिटी प्राइवेट लिमिटेड द्वारा निर्धारित न्यूनतम मजदूरी नहीं दी जा रही है। मजदूरों ने बताया कि उनसे प्रतिदिन 12-12 घंटे काम कराया जाता है, लेकिन ओवरटाइम का भुगतान नहीं किया जाता।

साथ ही साप्ताहिक अवकाश, सरकारी छुट्टियों का भुगतान, सुरक्षा उपकरण, पेयजल, शौचालय, कैंटीन एवं स्वास्थ्य सुविधाओं जैसी मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं।मजदूरों ने आरोप लगाया कि ईपीएफ के नाम पर मजदूरी से 18 प्रतिशत राशि काटी जाती है, जबकि खाते में मात्र 12 प्रतिशत ही जमा किया जाता है। वहीं मजदूर दिवस सहित अन्य राष्ट्रीय अवकाशों पर भी काम लिया जाता है, लेकिन अतिरिक्त भुगतान नहीं दिया जाता।धरना के दौरान मजदूरों ने 11 सूत्रीय मांग पत्र जारी करते हुए प्रतिदिन अधिकतम 8 घंटे ड्यूटी, 783 रुपये दैनिक मजदूरी, महीने में चार दिन छुट्टी, समय पर वेतन भुगतान, सैलरी स्लिप, ड्यूटी के दौरान भोजन एवं नाश्ते की व्यवस्था, मेडिकल जांच, यात्रा भत्ता, एलआईसी बीमा तथा आपातकालीन अवकाश जैसी मांगें रखीं।

मजदूरों के समर्थन में धरना स्थल पर पहुंचे इंकलाबी नौजवान सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं डुमरांव के पूर्व विधायक डॉ. अजीत कुमार सिंह ने कहा कि मजदूर अपने अधिकार और सम्मानजनक जीवन की लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्होंने सरकार से हस्तक्षेप कर मजदूरों की सभी जायज मांगों को पूरा कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि ठेका मजदूरों का शोषण बंद होना चाहिए तथा स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता के आधार पर स्थायी रोजगार दिया जाना चाहिए। वहीं राजद नेता सुनील कुमार सिंह उर्फ पप्पू यादव ने कहा कि कंपनी खुलने के समय क्षेत्र के युवाओं को रोजगार मिलने की उम्मीद जगी थी, लेकिन ठेकेदारों द्वारा मजदूरों का सामूहिक शोषण किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मजदूरों को बेहद कम मजदूरी देकर कठिन परिस्थितियों में काम कराया जा रहा है।

धरना कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष अरविंद कुमार सिंह उर्फ गामा पहलवान ने की। मौके पर जिला परिषद सदस्य राजीव कुमार सिंह, पैक्स अध्यक्ष नीरज कुमार यादव, भाकपा-माले नेता नारायण दास, मुख्तार यादव, मुन्ना यादव, शंभू सिंह, नावानगर पूर्व प्रमुख सत्येंद्र सिंह यादव, शारदा यादव, हरेंद्र यादव सहित कई जनप्रतिनिधि एवं सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।इधर, एसएलएमजी कंपनी के लीगल मैनेजर अभिजीत कुमार राजन ने मजदूरों के धरना प्रदर्शन की पुष्टि करते हुए कहा कि साप्ताहिक अवकाश सहित अन्य मांगों को लेकर मजदूरों द्वारा प्रदर्शन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रबंधन मजदूरों से वार्ता कर समाधान निकालने का प्रयास करेगा।

