खेल सुविधाओं के अभाव पर प्रशासन सख्त, चंदा पंचायत में मैदान निर्माण की कवायद तेज

प्रखंड की चंदा पंचायत में लंबे समय से खेल मैदान की कमी को लेकर उठ रही आवाज अब असर दिखाने लगी है। युवाओं की लगातार मांग और शिकायत के बाद बिहार सरकार के निगरानी विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए हस्तक्षेप किया है। विभाग ने खेल विभाग के अपर मुख्य सचिव को पत्र भेजकर आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया है, जिससे प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।

खेल सुविधाओं के अभाव पर प्रशासन सख्त, चंदा पंचायत में मैदान निर्माण की कवायद तेज

केटी न्यूज/चक्की

प्रखंड की चंदा पंचायत में लंबे समय से खेल मैदान की कमी को लेकर उठ रही आवाज अब असर दिखाने लगी है। युवाओं की लगातार मांग और शिकायत के बाद बिहार सरकार के निगरानी विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए हस्तक्षेप किया है। विभाग ने खेल विभाग के अपर मुख्य सचिव को पत्र भेजकर आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया है, जिससे प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।यह मामला “दिल से खेलो मिलकर जीतो” अभियान और 7 निश्चय योजना (पार्ट-3) के तहत पंचायत स्तर पर खेल सुविधाओं के विकास की मांग से जुड़ा है।

8 फरवरी को ईमेल के माध्यम से दर्ज कराई गई शिकायत को अब आधिकारिक संज्ञान में लिया गया है। इससे संकेत मिल रहा है कि चंदा पंचायत में खेल अधोसंरचना के विकास की दिशा में ठोस पहल हो सकती है।गौरतलब है कि पंचायत के युवाओं के पास प्रतिभा की कमी नहीं है, लेकिन संसाधनों के अभाव में उनकी क्षमता निखर नहीं पा रही है। फुटबॉल, क्रिकेट और कबड्डी जैसे खेलों में रुचि रखने वाले युवा अभ्यास के लिए उपयुक्त मैदान और प्रशिक्षण सुविधाओं से वंचित हैं। इसके कारण स्थानीय स्तर पर खेल गतिविधियां सीमित होकर रह गई हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि खेल सुविधाओं की कमी युवाओं को नकारात्मक गतिविधियों की ओर भी मोड़ सकती है। ऐसे में समय रहते खेल मैदान और क्लबों का निर्माण आवश्यक है, ताकि युवाओं को सही दिशा मिल सके।निगरानी विभाग की पहल से पंचायतवासियों में उम्मीद जगी है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि प्रशासनिक निर्देश कितनी जल्दी धरातल पर उतरते हैं। यदि योजनाओं का क्रियान्वयन तेजी से होता है, तो चंदा पंचायत खेल विकास के क्षेत्र में एक नई पहचान बना सकता है और अन्य पंचायतों के लिए उदाहरण साबित हो सकता है।