मगध गौरव मंच पर बक्सर के शिक्षक डब्लू पाठक का गौरव, शिक्षा और समाज सेवा के लिए मिला सर्वश्रेष्ठ शिक्षक सम्मान
शिक्षा और समाज सेवा के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय भूमिका निभाने वाले बक्सर जिले के शिक्षक डब्लू पाठक को एक और बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। पटना के म्यूज़ियम ऑडिटोरियम हॉल में आयोजित मगध गौरव सम्मान समारोह में उन्हें सर्वश्रेष्ठ शिक्षक सम्मान से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान, सामाजिक सरोकारों के प्रति सक्रियता और साहित्यिक गतिविधियों में सहभागिता के लिए प्रदान किया गया।
-- पटना के म्यूज़ियम ऑडिटोरियम में आयोजित भव्य समारोह में बिहार सहित देशभर के शिक्षाविद हुए शामिल, शिक्षा और साहित्य में योगदान को मिली पहचान
केटी न्यूज/बक्सर
शिक्षा और समाज सेवा के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय भूमिका निभाने वाले बक्सर जिले के शिक्षक डब्लू पाठक को एक और बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। पटना के म्यूज़ियम ऑडिटोरियम हॉल में आयोजित मगध गौरव सम्मान समारोह में उन्हें सर्वश्रेष्ठ शिक्षक सम्मान से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान, सामाजिक सरोकारों के प्रति सक्रियता और साहित्यिक गतिविधियों में सहभागिता के लिए प्रदान किया गया।रविवार को आयोजित इस भव्य समारोह का आयोजन मगध गौरव सम्मान समारोह पटना द्वारा किया गया था। कार्यक्रम की अध्यक्षता कुमार लक्ष्मीकांत ने की, जबकि संयोजन की जिम्मेदारी शुभाष शर्मा ने निभाई।

समारोह का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, जिसमें मुख्य अतिथि पूर्व राज्यसभा एवं लोकसभा सदस्य सह वरिष्ठ चिकित्सक व राजनीतिज्ञ डॉ. सीपी ठाकुर, पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार चौबे, सांसद अरुण सिंह एवं केंद्रीय मंत्री राधामोहन सिंह शामिल रहे।इस अवसर पर बिहार के विभिन्न जिलों से आए शिक्षक, कवि और शिक्षाविद मंच पर उपस्थित थे। इसी क्रम में बक्सर जिले के धनसोई निवासी एवं आई मास कंप्यूटर के निदेशक डब्लू पाठक को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। आयोजकों ने कहा कि डब्लू पाठक न केवल एक समर्पित शिक्षक हैं, बल्कि समाजसेवा के क्षेत्र में भी उनकी भूमिका सराहनीय रही है।

जिले के शिक्षाविदों और बुद्धिजीवियों का मानना है कि डब्लू पाठक शिक्षा के साथ-साथ साहित्य के क्षेत्र में भी सक्रिय हैं। वे कविता लेखन से सामाजिक संदेश देते हैं और विभिन्न सामाजिक कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर भाग लेते हैं। यही कारण है कि उन्हें देश के विभिन्न राज्यों में अब तक लगभग 75 बार सम्मानित किया जा चुका है।सम्मान प्राप्त करने के बाद डब्लू पाठक ने इसे अपने विद्यार्थियों और समाज के सहयोग का परिणाम बताया। सम्मान की खबर मिलते ही छात्र-छात्राओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दीं। यह सम्मान न केवल डब्लू पाठक की उपलब्धि है, बल्कि पूरे बक्सर जिले के लिए भी गर्व की बात है।
