उपभोक्ता अधिकारों की ढाल है जागरूकता

बढ़ती बाजारवादी व्यवस्था और सेवाओं के विस्तार के दौर में उपभोक्ताओं के अधिकारों की सुरक्षा आज पहले से कहीं अधिक जरूरी हो गई है। इसी उद्देश्य को केंद्र में रखते हुए जिला उपभोक्ता आयोग, बक्सर में बुधवार को उपभोक्ता दिवस के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम और इससे जुड़ी व्यवहारिक जानकारियों पर विस्तार से चर्चा हुई।

उपभोक्ता अधिकारों की ढाल है जागरूकता

-- उपभोक्ता दिवस पर जिला उपभोक्ता आयोग में अधिकार, प्रक्रिया और संरक्षण पर मंथन

केटी न्यूज/बक्सर

बढ़ती बाजारवादी व्यवस्था और सेवाओं के विस्तार के दौर में उपभोक्ताओं के अधिकारों की सुरक्षा आज पहले से कहीं अधिक जरूरी हो गई है। इसी उद्देश्य को केंद्र में रखते हुए जिला उपभोक्ता आयोग, बक्सर में बुधवार को उपभोक्ता दिवस के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम और इससे जुड़ी व्यवहारिक जानकारियों पर विस्तार से चर्चा हुई।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सेवानिवृत्त प्रशासनिक पदाधिकारी सह आयोग सदस्य राजीव कुमार सिंह ने कहा कि उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 24 दिसंबर 1986 को लागू हुआ था, जिसका उद्देश्य उपभोक्ताओं को शोषण से बचाना और उन्हें कानूनी सुरक्षा प्रदान करना है।

उन्होंने कहा कि “जागो ग्राहक जागो” जैसे अभियानों के बावजूद आज भी उपभोक्ता ठगे जा रहे हैं। ऐसे में केवल कानून पर निर्भर रहने के बजाय उपभोक्ताओं को स्वयं अपने अधिकारों के प्रति सजग और सचेत रहना होगा।इस अवसर पर अधिवक्ता विष्णुदत्त द्विवेदी ने बताया कि आयोग के अध्यक्ष, सेवानिवृत्त न्यायाधीश वेद प्रकाश सिंह के निर्देशानुसार जिले में लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि आम लोग उपभोक्ता कानून का लाभ उठा सकें और अपने अधिकारों के लिए सही मंच तक पहुंच सकें।

वरीय अधिवक्ता सह पत्रकार रामेश्वर प्रसाद वर्मा ने मंच संचालन करते हुए उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के प्रमुख प्रावधानों पर प्रकाश डाला। उन्होंने उपभोक्ताओं को बताया कि खरीदारी के समय बिल लेना, सेवा में कमी या धोखाधड़ी की स्थिति में शिकायत दर्ज करना और समय-सीमा के भीतर परिवाद दाखिल करना क्यों आवश्यक है।वहीं आयोग के पेशकार अखिलेश कुमार ने परिवाद पत्र दाखिल करने में होने वाली आम तकनीकी त्रुटियों की जानकारी दी और बताया कि छोटी-छोटी गलतियों के कारण कई बार मामलों में देरी हो जाती है।

कार्यक्रम में अधिवक्ता प्रभुनाथ सिंह, अशोक कुमार पांडे, श्रीमन नारायण ओझा, अजय कुमार सिंह, ददन कुमार सिंह, नेहा मिश्रा, विनोद कुमार, विजय कुमार पांडे, अवध बिहारी प्रसाद, जितेंद्र प्रसाद सहित आयोग के सहायक अखिलेश कुमार, विकास कुमार, शिवम कुमार सिंह और हरेंद्र पांडे समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य उपभोक्ताओं को सशक्त बनाना और उन्हें उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना रहा।