विश्वामित्र पथ के विस्तार की उठी मांग, चौसा तक सड़क जोड़ने से विकास को मिलेगी रफ्तार

पश्चिम बिहार में सड़क संपर्क को और सशक्त बनाने की मांग तेज होने लगी है। इसी कड़ी में सामाजिक कार्यकर्ता विकास राज ने बिहार सरकार के पथ निर्माण मंत्री से मुलाकात कर निर्माणाधीन कोइलवर-बक्सर विश्वामित्र पथ को चौसा रानी घाट तक विस्तारित करने का आग्रह किया।

विश्वामित्र पथ के विस्तार की उठी मांग, चौसा तक सड़क जोड़ने से विकास को मिलेगी रफ्तार

__ सीमावर्ती क्षेत्रों की कनेक्टिविटी मजबूत करने और व्यापार-पर्यटन बढ़ाने की पहल

केटी न्यूज/बक्सर

पश्चिम बिहार में सड़क संपर्क को और सशक्त बनाने की मांग तेज होने लगी है। इसी कड़ी में सामाजिक कार्यकर्ता विकास राज ने बिहार सरकार के पथ निर्माण मंत्री से मुलाकात कर निर्माणाधीन कोइलवर-बक्सर विश्वामित्र पथ को चौसा रानी घाट तक विस्तारित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि सड़क परियोजना का विस्तार होने से सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास को नई गति मिलेगी और लाखों लोगों को बेहतर आवागमन सुविधा प्राप्त होगी।मंत्री को सौंपे गए ज्ञापन में विकास राज ने बताया कि वर्तमान में विश्वामित्र पथ पश्चिम बिहार की एक महत्वपूर्ण आधारभूत संरचना परियोजना है।

यदि इसे बक्सर से आगे बढ़ाकर चौसा रानी घाट तक जोड़ा जाता है, तो बिहार-उत्तर प्रदेश सीमा क्षेत्र के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। इससे क्षेत्रीय संपर्क मजबूत होगा और ग्रामीण इलाकों की पहुंच प्रमुख मार्गों तक आसान हो जाएगी।उन्होंने कहा कि चौसा ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्र है। सड़क विस्तार से यहां पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, वहीं कृषि उत्पादों के परिवहन में भी सहूलियत होगी। बेहतर सड़क नेटवर्क बनने से स्थानीय व्यापार को नई संभावनाएं मिलेंगी तथा रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी।विकास राज ने यह भी कहा कि पश्चिम बिहार के विकास के लिए मजबूत सड़क ढांचा आवश्यक है।

विश्वामित्र पथ का विस्तार न केवल यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाएगा, बल्कि क्षेत्र में निवेश और आर्थिक गतिविधियों को भी प्रोत्साहित करेगा।मंत्री ने मांग को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों से इस संबंध में आवश्यक पहल करने का आश्वासन दिया। वहीं क्षेत्र के लोगों ने भी इस प्रस्ताव का समर्थन करते हुए कहा कि चौसा तक सड़क विस्तार होने से सीमावर्ती इलाकों के विकास को नई दिशा मिलेगी और यह पश्चिम बिहार के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित होगी।