साइबर अपराध पर धनसोई पुलिस की बड़ी कार्रवाई, युवती की निजता भंग करने वाला युवक गिरफ्तार

सोशल मीडिया के बढ़ते दुरुपयोग के बीच धनसोई पुलिस ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए एक युवती की निजी तस्वीरें और वीडियो वायरल करने के आरोपित युवक को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। पुलिस की इस कार्रवाई को साइबर अपराधियों के खिलाफ सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।

साइबर अपराध पर धनसोई पुलिस की बड़ी कार्रवाई, युवती की निजता भंग करने वाला युवक गिरफ्तार

__ सोशल मीडिया पर फोटो-वीडियो वायरल कर रहा था आरोपी, तकनीकी जांच के बाद भेजा गया जेल

केटी न्यूज/बक्सर :

सोशल मीडिया के बढ़ते दुरुपयोग के बीच धनसोई पुलिस ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए एक युवती की निजी तस्वीरें और वीडियो वायरल करने के आरोपित युवक को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। पुलिस की इस कार्रवाई को साइबर अपराधियों के खिलाफ सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।मामला धनसोई थाना क्षेत्र के छत्तुपुर गांव का है, जहां एक युवती की निजी और आपत्तिजनक तस्वीरें तथा वीडियो फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित किए जाने की शिकायत पुलिस के पास पहुंची थी। घटना के बाद पीड़िता और उसके परिजनों को सामाजिक परेशानी के साथ-साथ मानसिक तनाव का भी सामना करना पड़ रहा था।

शिकायत दर्ज होने के बाद धनसोई पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की। जांच के दौरान सोशल मीडिया अकाउंट्स की गतिविधियों, डिजिटल साक्ष्यों और तकनीकी तथ्यों का गहन विश्लेषण किया गया। पुलिस को जांच में पर्याप्त प्रमाण मिलने के बाद छत्तुपुर गांव निवासी उपेंद्र सेठ को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया गया।पुलिस ने आरोपी के खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (आईटी एक्ट) और अन्य संबंधित कानूनी धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। गिरफ्तारी के बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए उसे न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

धनसोई थाना प्रभारी विकास कुमार ने बताया कि किसी भी व्यक्ति की निजी तस्वीर या वीडियो को उसकी अनुमति के बिना सोशल मीडिया पर साझा करना गंभीर अपराध है। ऐसे मामलों में पुलिस लगातार निगरानी कर रही है और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।पुलिस प्रशासन ने आम लोगों से सोशल मीडिया का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करने तथा किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक, भ्रामक या निजी सामग्री को साझा करने से बचने की अपील की है। साथ ही साइबर अपराध से संबंधित किसी भी शिकायत की सूचना तत्काल पुलिस को देने का आग्रह किया गया है।