डीएम साहिला सख्त: जुलाई तक निपटें सभी लंबित मामले, सेवांत लाभ में लापरवाही बर्दाश्त नहीं

समाहरणालय सभाकक्ष में मंगलवार को जिलाधिकारी साहिला की अध्यक्षता में जिले के सभी कार्यालयों के प्रधान लिपिकों की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रशासनिक कार्यों की धीमी रफ्तार, लंबित मामलों और कार्यालयी अनुशासन पर जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि जुलाई माह तक सभी लंबित मामलों का हर हाल में निष्पादन सुनिश्चित किया जाए।

डीएम साहिला सख्त: जुलाई तक निपटें सभी लंबित मामले, सेवांत लाभ में लापरवाही बर्दाश्त नहीं

__ प्रधान लिपिकों की समीक्षा बैठक में अनुपस्थित कर्मियों से मांगा जवाब, भुगतान फाइलें तुरंत निपटाने और बड़े बकायदारों की सूची बनाने का आदेश

केटी न्यूज/बक्सर

समाहरणालय सभाकक्ष में मंगलवार को जिलाधिकारी साहिला की अध्यक्षता में जिले के सभी कार्यालयों के प्रधान लिपिकों की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रशासनिक कार्यों की धीमी रफ्तार, लंबित मामलों और कार्यालयी अनुशासन पर जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि जुलाई माह तक सभी लंबित मामलों का हर हाल में निष्पादन सुनिश्चित किया जाए।बैठक की शुरुआत में ही अंचल कार्यालय बक्सर और राजपुर के प्रधान लिपिकों की बिना पूर्व सूचना अनुपस्थिति पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। इसे गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए दोनों से स्पष्टीकरण मांगने का निर्देश दिया गया।

अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया गया कि बैठक, समीक्षा और प्रशासनिक दायित्वों में लापरवाही किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी।जिलाधिकारी ने सभी प्रधान लिपिकों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश देते हुए कहा कि विभागीय फाइलों को अनावश्यक रूप से लंबित रखना प्रशासनिक व्यवस्था को प्रभावित करता है। उन्होंने भुगतान से संबंधित लंबित संचिकाओं को तत्काल निष्पादित करने का आदेश दिया, ताकि कर्मचारियों, आपूर्तिकर्ताओं और संबंधित लाभुकों को समय पर भुगतान मिल सके।

नीलाम शाखा की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने बड़े बकायेदारों पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने कैंप मोड में कार्य योजना बनाकर बड़े बकायदारों की सूची तैयार करने तथा वसूली अभियान तेज करने का निर्देश दिया। राजस्व संग्रहण को मजबूत करने के लिए संबंधित शाखा को जवाबदेही के साथ कार्य करने को कहा गया।बैठक में जिलाधिकारी ने कार्यालयी कार्यप्रणाली में पारदर्शिता, समयबद्धता और उत्तरदायित्व सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि जनता का भरोसा तभी कायम रहेगा जब सरकारी कार्यालय तय समय सीमा में निष्पक्ष और प्रभावी तरीके से काम करेंगे।

इस दौरान सीडब्ल्यूजेसी और एमजेसी मामलों की विस्तृत समीक्षा भी की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित लिपिकों को निर्देश दिया कि न्यायालय से जुड़े मामलों में प्रतिवेदन प्राथमिकता के आधार पर समय पर उपलब्ध कराया जाए। किसी भी स्तर पर देरी से प्रशासन की छवि प्रभावित होती है, इसलिए ऐसे मामलों में विशेष सतर्कता बरती जाए।जन शिकायतों के मामलों पर भी जिलाधिकारी ने गंभीरता दिखाई। उन्होंने कहा कि जनता अपनी समस्या लेकर कार्यालय पहुंचती है, इसलिए शिकायतों का त्वरित और नियमानुसार समाधान होना चाहिए। लंबित आवेदनों को कार्य योजना बनाकर शून्य करने का निर्देश देते हुए कहा गया कि प्रत्येक कार्यालय अपनी प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से प्रस्तुत करे।

सेवांत लाभ के मामलों को लेकर जिलाधिकारी ने सख्त चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि किसी भी परिस्थिति में सेवानिवृत्त कर्मियों का लाभ लंबित नहीं रहना चाहिए। सभी प्रधान लिपिक इसमें व्यक्तिगत रुचि लेते हुए समय पर भुगतान सुनिश्चित करें। सेवानिवृत्त कर्मियों को अपने हक के लिए भटकना न पड़े, यह प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।इसके अलावा रोकड़ पंजी को नियमानुसार संधारित करने का निर्देश भी दिया गया। वित्तीय अभिलेखों में पारदर्शिता बनाए रखने तथा लेखा व्यवस्था को दुरुस्त रखने पर जोर दिया गया।बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि अब कामकाज में ढिलाई, फाइलों की अनावश्यक देरी और जवाबदेही से बचने की प्रवृत्ति नहीं चलेगी। सभी प्रधान लिपिकों को समयसीमा के भीतर परिणाम देने होंगे, अन्यथा कार्रवाई तय मानी जाएगी।