लाठी से हत्या मामले में ससुर को आठ वर्ष की सजा, डेढ़ लाख जुर्माना
प्रधान जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय की अदालत ने हत्या के एक चर्चित मामले में अभियुक्त हरी तुरहा को दोषी ठहराते हुए आठ वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही अदालत ने उस पर कुल डेढ़ लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माना अदा नहीं करने की स्थिति में अभियुक्त को अतिरिक्त छह माह की सजा भुगतनी होगी।
केटी न्यूज/बक्सर
प्रधान जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय की अदालत ने हत्या के एक चर्चित मामले में अभियुक्त हरी तुरहा को दोषी ठहराते हुए आठ वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही अदालत ने उस पर कुल डेढ़ लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माना अदा नहीं करने की स्थिति में अभियुक्त को अतिरिक्त छह माह की सजा भुगतनी होगी।अपर लोक अभियोजक विनोद कुमार सिंह ने बताया कि घटना 8 जून 2010 की है। इटाढ़ी थाना क्षेत्र की निवासी सोनी देवी ने प्राथमिकी दर्ज कर आरोप लगाया था कि उसके ससुर हरी तुरहा ने उसके पुत्र को लाठी से मारकर उसकी हत्या कर दी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए इटाढ़ी थाना में संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी और पुलिस ने अनुसंधान कर आरोपपत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया।सुनवाई के दौरान अदालत ने प्रस्तुत साक्ष्यों, गवाहों के बयान और परिस्थितिजन्य प्रमाणों का गहन परीक्षण किया। सभी पक्षों को सुनने के बाद न्यायालय ने अभियुक्त को दोषी करार दिया।अदालत ने भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत आठ वर्ष की सजा और एक लाख रुपये का जुर्माना तथा धारा 201 के तहत एक वर्ष की सजा एवं पचास हजार रुपये का जुर्माना निर्धारित किया। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।

