जेटली की नीतियों ने बदली देश की आर्थिक दिशा, डुमरांव में दी श्रद्धांजलि

पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता स्व. अरुण जेटली की स्मृति में सोमवार को डुमरांव नगर भवन सभागार में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उनके राजनीतिक जीवन, आर्थिक नीतियों और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में निभाई गई भूमिका को याद किया गया।

जेटली की नीतियों ने बदली देश की आर्थिक दिशा, डुमरांव में दी श्रद्धांजलि

__ श्रद्धांजलि सभा में वक्ताओं ने जीएसटी, बैंकिंग सुधार और दिवाला कानून को बताया पूर्व केंद्रीय मंत्री की बड़ी उपलब्धियां; दिसंबर में व्यापक स्तर पर जयंती मनाने का निर्णय

केटी न्यूज/डुमरांव।

पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता स्व. अरुण जेटली की स्मृति में सोमवार को डुमरांव नगर भवन सभागार में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उनके राजनीतिक जीवन, आर्थिक नीतियों और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में निभाई गई भूमिका को याद किया गया। वक्ताओं ने कहा कि जेटली का सार्वजनिक जीवन केवल राजनीति तक सीमित नहीं था, बल्कि नीति निर्माण और आर्थिक सुधारों के क्षेत्र में भी उनका योगदान लंबे समय तक याद किया जाएगा।कार्यक्रम की अध्यक्षता डुमरांव जदयू के पूर्व विधानसभा प्रभारी रवि उज्जवल कुशवाहा ने की। इस दौरान जदयू कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने स्व. जेटली के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।

__ आर्थिक सुधारों में रही अहम भूमिका

सभा को संबोधित करते हुए रवि उज्जवल कुशवाहा ने कहा कि अरुण जेटली एक कुशल राजनेता होने के साथ ही प्रख्यात अधिवक्ता और दूरदर्शी अर्थनीति विशेषज्ञ थे। केंद्र सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालते हुए उन्होंने देश की आर्थिक व्यवस्था में कई बड़े बदलावों की नींव मजबूत करने में योगदान दिया।वक्ताओं ने कहा कि वर्ष 2014 से 2019 के बीच वित्त मंत्री के रूप में जेटली की भूमिका विशेष रूप से महत्वपूर्ण रही। जीएसटी लागू कराने की प्रक्रिया में उनकी केंद्रीय भूमिका रही, जिससे देश में अलग-अलग अप्रत्यक्ष करों की जगह एकीकृत कर व्यवस्था की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया। बैंकिंग क्षेत्र में सुधार, दिवाला एवं शोधन अक्षमता संहिता के क्रियान्वयन तथा अर्थव्यवस्था को अधिक औपचारिक बनाने की दिशा में किए गए प्रयासों को भी सभा में उनकी प्रमुख उपलब्धियों के रूप में रेखांकित किया गया।

__ संसदीय राजनीति में भी छोड़ी छाप

वक्ताओं ने कहा कि जेटली ने रक्षा मंत्री और कॉर्पोरेट मामलों के मंत्री के रूप में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। राज्यसभा में नेता विपक्ष के तौर पर उनकी प्रभावशाली भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा गया कि उन्होंने संसदीय बहस और लोकतांत्रिक परंपराओं को मजबूत करने में योगदान दिया।सभा के अंत में दिसंबर में स्व. अरुण जेटली की जयंती डुमरांव में व्यापक स्तर पर मनाने का निर्णय लिया गया। इसमें विभिन्न सामाजिक एवं राजनीतिक संगठनों की भागीदारी सुनिश्चित करने की बात कही गई।मौके पर धनलाल कुशवाहा, मुखिया सिंह कुशवाहा, अनिल केशरी, वीरेंद्र कुशवाहा, सरोज मौर्य, बृजनंदन सिंह, अधिवक्ता पंकज राय, अरविंद राय, नारायण यादव, राजू यादव, पैक्स अध्यक्ष योगिया, मिथिलेश कुशवाहा, अशोक कुमार, गुरुदेव कुशवाहा, मुन्ना सिंह और धीरज सिंह कुशवाहा सहित कई लोग मौजूद रहे।