शराब तस्कर मुकेश राय दोषी सिद्ध, छह मई को सुनाई जाएगी सजा
शराबबंदी कानून के उल्लंघन से जुड़े एक बड़े मामले में बक्सर के स्थानीय उत्पाद न्यायालय (संख्या-02) ने सोमवार को अहम फैसला सुनाते हुए आरोपी मुकेश कुमार राय को दोषी करार दिया। न्यायाधीश सोनेलाल रजक की अदालत ने अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों, दस्तावेजों और गवाहों के बयान के आधार पर यह निर्णय सुनाया। अब दोषी अभियुक्त को कितनी सजा दी जाएगी, इस पर अदालत 6 मई को अंतिम आदेश सुनाएगी।
केटी न्यूज/बक्सर
शराबबंदी कानून के उल्लंघन से जुड़े एक बड़े मामले में बक्सर के स्थानीय उत्पाद न्यायालय (संख्या-02) ने सोमवार को अहम फैसला सुनाते हुए आरोपी मुकेश कुमार राय को दोषी करार दिया। न्यायाधीश सोनेलाल रजक की अदालत ने अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों, दस्तावेजों और गवाहों के बयान के आधार पर यह निर्णय सुनाया। अब दोषी अभियुक्त को कितनी सजा दी जाएगी, इस पर अदालत 6 मई को अंतिम आदेश सुनाएगी।मामला वर्ष 2025 का है, जब उत्पाद विभाग की टीम ने गुप्त सूचना मिलने पर वीर कुंवर सिंह चेकपोस्ट पर विशेष वाहन जांच अभियान चलाया था। जांच के दौरान हरियाणा नंबर के एक ट्रक को रोककर उसकी तलाशी ली गई।

प्रारंभिक जांच में सब कुछ सामान्य प्रतीत हुआ, लेकिन अधिकारियों को संदेह होने पर ट्रक की गहन जांच की गई।तलाशी के दौरान ट्रक के भीतर विशेष रूप से तैयार किया गया एक गुप्त तहखाना मिला, जिसमें भारी मात्रा में विदेशी शराब छिपाकर रखी गई थी। विभागीय अधिकारियों ने शराब की मापी कराई, जिसमें कुल 2909.160 लीटर विदेशी शराब बरामद हुई। इतनी बड़ी मात्रा में शराब मिलने के बाद मौके पर मौजूद चालक मुकेश कुमार राय को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी की पहचान मुजफ्फरपुर जिले के सकरा थाना क्षेत्र अंतर्गत डीहगौहरार (खालिक नगर) निवासी 38 वर्षीय मुकेश कुमार राय के रूप में हुई थी।अदालत में सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से विशेष लोक अभियोजक अवधेश कुमार राय, अपर विशेष लोक अभियोजक रविंद्र कुमार सिन्हा तथा श्यामा श्री चन्द्र ने प्रभावी ढंग से पक्ष रखा।

वहीं उत्पाद विभाग के निरीक्षक सह सूचक कुंदन कुमार द्वारा दर्ज प्राथमिकी, जब्ती सूची, जांच रिपोर्ट और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों को भी अदालत में प्रस्तुत किया गया।सभी तथ्यों पर विचार करने के बाद न्यायालय ने आरोपी को बिहार मद्य निषेध एवं उत्पाद अधिनियम के तहत दोषी पाया। फैसले के बाद अब सबकी नजर 6 मई की सुनवाई पर टिकी है, जब अदालत यह तय करेगी कि दोषी को कितने वर्षों की कारावास की सजा और कितना आर्थिक दंड दिया जाएगा। यह मामला शराब तस्करी पर प्रशासन की सख्ती का बड़ा उदाहरण माना जा रहा है।

