आवास की आस में झोपड़ी में जिंदगी, सूची में अपनों के नाम देख भड़का ग्रामीणों का गुस्सा

प्रधानमंत्री आवास योजना की नई लाभार्थी सूची सामने आते ही चौगाईं प्रखंड की पंचायतों में पात्रता और चयन प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं। पक्के मकान की आस लगाए बैठे गरीब परिवारों को जब सूची में अपना नाम नहीं मिला तो नाराजगी खुलकर सामने आने लगी।

आवास की आस में झोपड़ी में जिंदगी, सूची में अपनों के नाम देख भड़का ग्रामीणों का गुस्सा

__ ओझाबरांव में शिव मंदिर परिसर में जुटे वंचित परिवारों ने चयन प्रक्रिया पर उठाए सवाल, मुरार की आमसभा में भी हंगामा

केटी न्यूज/चौगाईं।

प्रधानमंत्री आवास योजना की नई लाभार्थी सूची सामने आते ही चौगाईं प्रखंड की पंचायतों में पात्रता और चयन प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं। पक्के मकान की आस लगाए बैठे गरीब परिवारों को जब सूची में अपना नाम नहीं मिला तो नाराजगी खुलकर सामने आने लगी। बुधवार को ओझाबरांव गांव स्थित शिव मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में जुटे ग्रामीणों ने सूची में कथित गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए चयन प्रक्रिया की जांच की मांग की।ग्रामीणों का कहना है कि आवास योजना का उद्देश्य उन परिवारों को पक्की छत उपलब्ध कराना है, जो आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण आज भी जर्जर झोपड़ियों या प्लास्टिक के सहारे जीवन गुजार रहे हैं। लेकिन सूची सामने आने के बाद तस्वीर इसके उलट नजर आ रही है।

आरोप है कि जरूरतमंद परिवारों को सूची से बाहर कर दिया गया, जबकि एक ही परिवार के दो से तीन सदस्यों के नाम कथित तौर पर सूची में शामिल हैं।ग्रामीणों ने कहा कि कई परिवारों के पास बरसात के दिनों में सिर छिपाने तक की मुकम्मल व्यवस्था नहीं है। जर्जर झोपड़ी में बच्चों और परिवार के साथ रहना उनकी मजबूरी है। वर्षों से पक्के मकान की उम्मीद लगाए बैठे इन परिवारों को अब सूची ने निराश कर दिया है। इससे गांव में आक्रोश का माहौल बन गया है।ग्रामीण दिनकर पासवान, शिवकुमार यादव, नंदजी राम, फूल कुमारी देवी, संझारो देवी, ललिता देवी, किरण देवी, लाखमुनि, सीता, सुशीला, मुद्रिका यादव और रामबाबू ओझा समेत अन्य ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि सूची की दोबारा जांच कर वास्तविक पात्र परिवारों को शामिल नहीं किया गया तो वे मामले को वरीय अधिकारियों से लेकर बिहार सरकार तक पहुंचाएंगे।इधर, मुरार में आयोजित आमसभा के दौरान भी आवास योजना की सूची को लेकर ग्रामीणों के बीच तीखी नाराजगी सामने आई और हंगामे की स्थिति उत्पन्न हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और समझा-बुझाकर स्थिति शांत कराई। वहीं विभागीय अधिकारियों का कहना है कि निर्धारित नियम और प्रक्रिया के आधार पर पात्र लाभुकों को ही योजना का लाभ दिया जाएगा।