बक्सर जिले को मोतियाबिंद मुक्त बनाना है मेरा लक्ष्य - प्रदीप जायसवाल

स्थानीय रोटरी जगदीश आई अस्पताल में मंगलवार को आयोजित विशाल नेत्र जांच शिविर में लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। जेपी मेमोरियल चौरिटेबल ट्रस्ट तथा रोटरी क्लब बक्सर के संयुक्त तत्वावधान में स्वर्गीय जगदीश प्रसाद की स्मृति में आयोजित इस शिविर में 500 से अधिक मरीजों की आंखों की विस्तृत जांच की गई, जिसमें 200 मरीज मोतियाबिंद से प्रभावित पाए गए। सभी चयनित मरीजों का 20 नवंबर को मुफ्त मोतियाबिंद ऑपरेशन किया जाएगा।

बक्सर जिले को मोतियाबिंद मुक्त बनाना है मेरा लक्ष्य - प्रदीप जायसवाल

केटी न्यूज/डुमरांव

स्थानीय रोटरी जगदीश आई अस्पताल में मंगलवार को आयोजित विशाल नेत्र जांच शिविर में लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। जेपी मेमोरियल चौरिटेबल ट्रस्ट तथा रोटरी क्लब बक्सर के संयुक्त तत्वावधान में स्वर्गीय जगदीश प्रसाद की स्मृति में आयोजित इस शिविर में 500 से अधिक मरीजों की आंखों की विस्तृत जांच की गई, जिसमें 200 मरीज मोतियाबिंद से प्रभावित पाए गए। सभी चयनित मरीजों का 20 नवंबर को मुफ्त मोतियाबिंद ऑपरेशन किया जाएगा।

-- गरीब मरीजों को मिलेगा फ्री ऑपरेशन, लेंस, दवा और चश्मा

जांच के बाद डॉक्टरों ने बताया कि जिन मरीजों को लेंस प्रत्यारोपण की आवश्यकता है, उनका ऑपरेशन आधुनिक फेको तकनीक से किया जाएगा, जिसमें अत्याधुनिक मशीनों का उपयोग कर बिना टांके के लेंस लगाया जाता है। चयनित सभी मरीजों को फ्री चश्मा, दवा, भोजन, तथा आने-जाने का किराया भी दिया जाएगा, ताकि इलाज में किसी प्रकार की आर्थिक बाधा न रहे।अस्पताल में सुबह से ही मरीजों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। जांच का कार्य डॉ. ईश्वरीय पटेल और उनकी अनुभवी टीम द्वारा किया गया। शिविर में न सिर्फ डुमरांव, बल्कि आसपास के ग्रामीण इलाकों से भी बड़ी संख्या में मरीज पहुंचे।

-- बक्सर को मोतियाबिंद मुक्त बनाने का है लक्ष्य

अस्पताल के डायरेक्टर सह रोटेरियन प्रदीप कुमार जायसवाल ने बताया कि वे अपने पिता स्वर्गीय जगदीश प्रसाद की स्मृति में हर वर्ष गरीब और जरूरतमंद मरीजों का मुफ्त ऑपरेशन करवाते हैं। उन्होंने कहा कि उनके पिता समाज सेवा के प्रतीक थे, जिनसे प्रेरणा लेकर वे लगातार नेत्रदान, नेत्र जांच शिविर और ऑपरेशन शिविर का आयोजन करते आ रहे हैं।उन्होंने कहा कि मेरी कोशिश है कि बक्सर जिले का कोई भी व्यक्ति मोतियाबिंद जैसी समस्या से अंधेरे में न रहे। जब तक मैं सक्षम हूं, गरीब मरीजों की आंखों का मुफ्त ऑपरेशन करवाता रहूंगा।

जायसवाल ने आगे बताया कि शिविर में आए कई बुजुर्ग मरीज ऐसे थे, जो महीनों से दृष्टि धुंधली होने की परेशानी झेल रहे थे, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण ऑपरेशन नहीं करा पा रहे थे। ऐसे मरीजों के चेहरे पर जांच और चयन के बाद बड़ी राहत दिखी। बता दें कि प्रदीप जायसवाल अबतक 10 हजार से अधिक मरीजों के मोतियाबिंद का मुफ्त ऑपरेशन करवा चुके है। 

-- शिविर में उमड़े मरीज, व्यवस्था रही चाक-चौबंद

शिविर के दौरान अस्पताल परिसर में मरीजों की भारी भीड़ के बावजूद सभी के लिए उचित व्यवस्था की गई थी। पानी, बैठने की व्यवस्था, रजिस्ट्रेशन और जांच की प्रक्रिया सुचारू रूप से चलती रही।अस्पताल कर्मियों और स्वयंसेवकों ने मरीजों को लाइन में लगवाने से लेकर जांच कक्ष तक पहुंचाने में लगातार सहयोग किया।डॉ. पटेल ने बताया कि समय पर मोतियाबिंद की पहचान और ऑपरेशन बेहद जरूरी होता है, क्योंकि देरी होने पर मरीज की दृष्टि पूरी तरह नष्ट भी हो सकती है। इसलिए शिविर जैसे आयोजन दूर-दराज के गरीब मरीजों के लिए जीवन बदलने का अवसर होते हैं।

शिविर में डॉ. दिलशाद आलम, एसएम शाहीद, समेत शहर के कई गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे। सभी ने रोटरी क्लब और जेपी मेमोरियल ट्रस्ट के इस प्रयास को अत्यंत सराहनीय बताते हुए कहा कि यह कदम समाज को नई दृष्टि देने का काम कर रहा है।शिविर के समापन पर रोटरी क्लब के सदस्यों ने बताया कि भविष्य में भी ऐसे नेत्र शिविर नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे, ताकि आमजन को मुफ्त और गुणवत्तापूर्ण नेत्र उपचार उपलब्ध कराया जा सके।