आंधी में धराशायी हुआ नैनीजोर का पीपापुल, मझधार में अटकी गाड़ियां—रातभर जूझते रहे यात्री

सोमवार की शाम आई तेज आंधी-तूफान ने नैनीजोर थाना क्षेत्र के बिहार घाट स्थित पीपापुल की पोल खोल दी। तेज हवाओं के दबाव को झेल नहीं सका यह अस्थायी पुल अचानक दो हिस्सों में टूट गया, जिससे उस वक्त गुजर रहे कई वाहन बीच धारा में ही फंस गए। देखते ही देखते हालात अफरा-तफरी में बदल गए और कार, स्कॉर्पियो समेत अन्य छोटे-बड़े वाहन पुल पर ही अटक गए।

आंधी में धराशायी हुआ नैनीजोर का पीपापुल, मझधार में अटकी गाड़ियां—रातभर जूझते रहे यात्री

__ शादी-ब्याह में जा रहे लोग पुल पर ही फंसे, नाव बना सहारा; घटिया निर्माण और ओवरलोडिंग पर ग्रामीणों का फूटा गुस्सा

केटी न्यूज/ब्रह्मपुर

सोमवार की शाम आई तेज आंधी-तूफान ने नैनीजोर थाना क्षेत्र के बिहार घाट स्थित पीपापुल की पोल खोल दी। तेज हवाओं के दबाव को झेल नहीं सका यह अस्थायी पुल अचानक दो हिस्सों में टूट गया, जिससे उस वक्त गुजर रहे कई वाहन बीच धारा में ही फंस गए। देखते ही देखते हालात अफरा-तफरी में बदल गए और कार, स्कॉर्पियो समेत अन्य छोटे-बड़े वाहन पुल पर ही अटक गए।सबसे ज्यादा परेशानी उन लोगों को हुई जो शादी और तिलक समारोह में शामिल होने के लिए जा रहे थे। रात होते-होते हालात और बिगड़ गए, जब अंधेरे और तेज बहाव के बीच लोग पुल पर ही फंसे रहने को मजबूर हो गए। महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग पूरी रात दहशत और असुरक्षा के माहौल में वहीं डटे रहे।

कुछ साहसी लोगों ने जान जोखिम में डालकर नाव का सहारा लिया और किसी तरह नदी पार कर पाए, लेकिन अधिकांश लोग सुबह होने का इंतजार करते रहे।घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन हरकत में आया, लेकिन रात के समय राहत कार्य सीमित ही रह सका। मंगलवार की दोपहर तक पुल की मरम्मत का कार्य जारी रहा। प्रशासन का दावा है कि जल्द ही यातायात को सामान्य कर दिया जाएगा। एसडीओ अखिलेश कुमार ने बताया कि आंधी के कारण पुल को क्षति पहुंची है और प्राथमिकता के आधार पर इसे दुरुस्त किया जा रहा है।हालांकि इस घटना ने एक बार फिर पीपापुल की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि पुल का निर्माण मानकों के अनुरूप नहीं हुआ था और लंबे समय से इस पर ओवरलोड वाहनों का दबाव बना हुआ था। कई बार शिकायत के बावजूद न तो वजन नियंत्रण पर ध्यान दिया गया और न ही पुल की समय-समय पर जांच हुई।ग्रामीणों ने इस घटना को लापरवाही का परिणाम बताते हुए जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि अगर समय रहते व्यवस्था दुरुस्त की गई होती, तो सैकड़ों लोगों की जान जोखिम में नहीं पड़ती। फिलहाल प्रशासन मरम्मत कार्य में जुटा है, लेकिन इस हादसे ने क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था की हकीकत उजागर कर दी है।