Monday, 2 November 2026
ब्रेकिंग न्यूज़
फसल बर्बादी से बेहाल किसानों को मिले 50 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा : डॉ. मनोज पांडेय किताबों से निकलकर इतिहास और विज्ञान को करीब से जानेंगे विद्यार्थी, मेधावियों को मिला अनोखा अवसर जनगणना 2027 की तैयारियों ने पकड़ी रफ्तार, दूसरे चरण के प्रशिक्षण में जुटे अधिकारी और कर्मी अर्नव के प्रभाव से धान की फसलें जलमग्न, खेतों से पानी निकालने में जुटे बेबस किसान नशे के खिलाफ एकजुट हुईं जीविका दीदियां, तीन प्रखंडों में चला जागरूकता अभियान वर्चस्व की जंग में चिलहरी में गूंजीं गोलियां, दो पक्षों में हिंसक झड़प से मचा हड़कंप कैलाशपति मिश्र की पुण्यतिथि पर बड़का ढकाईच में जुटेंगे भाजपा के दिग्गज, तीन नवंबर को होगा श्रद्धांजलि समारोह पत्रकार अरबिंद तिवारी पर टूटा दुखों का पहाड़, मां इंद्रावती देवी का निधन गरीबों के हक की आवाज उठाने पर माले नेताओं पर मुकदमा, भड़की पार्टी 15 लाख की ज्वेलरी चोरी में पुलिस का शिकंजा, फरार आरोपित के घर ढोल-बाजे के साथ चस्पा हुआ इश्तेहार नाला निर्माण की खुदाई बनी बिजली संकट की वजह, चौसा बाजार अंधेरे में डूबा जिस लाइब्रेरी का किया उद्घाटन, उसी के छात्रों ने नम आंखों से दी अंतिम विदाई, आर.के. सिन्हा के निधन से चौगाईं में शोक
Keshav Times

दियारा क्षेत्र में हो रहा ओवरलोड नौका परिचालन, कभी भी हो सकता है हादसा

दियारा क्षेत्र में हो रहा ओवरलोड नौका परिचालन, कभी भी हो सकता है हादसा

केटी न्यूज/सिमरी

गंगा के जल स्तर में वृद्धि होने के साथ ही दियारा इलाके में परिवहन का एकमात्र साधन नाव रह गया है। खासकर दियारा क्षेत्र के यूपी के बलिया जाने के लिए लोग पिछले एक सप्ताह से नाव का सहारा ही ले रहे हैं। जनेश्वर मिश्र सेतु के संपर्क पथ पर बाढ़ का पानी चढ़ जाने से बलिया जाने के लिए सड़क संपर्क भंग हो गया है।  बता दें कि सिमरी, चक्की व ब्रह्मपुर प्रखंड के दियारा इलाके के सैकड़ो लोग अपने रोजगार तथा काम धंधे के सिलसिल में हर दिन बलिया जाते है।

दियारा क्षेत्र में हो रहा ओवरलोड नौका परिचालन, कभी भी हो सकता है हादसा

जिसमें बड़ी संख्या दूध का व्यवसाय करने वालों का है। गंगा का जल स्तर बढ़ने तथा सड़क संपर्क भंग होने के बाद भी ये अपनी रोजी-रोटी के लिए नाव का सहारा ले रहे है। हालांकि, प्रशासन द्वारा पानी बढ़ने के साथ ही आठ नाव उपलब्ध कराए गए है। लेकिन लोगों की संख्या के मुकाबले ये नाव बहुत कम पड़ रहे है। जबकि निजी स्तर पर भी नाविकों द्वारा नाव का संचालन किया जा रहा है। दियारा क्षेत्र में संचालित होने वाली अधिकांश नाव क्षमता से अधिक सवारियों को बैठा रही है। जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। प्रशासन का ध्यान इस ओर नहीं होने तथा हर दिन बलिया आने जाने वालों की संख्या अधिक होने के कारण नाविक मनमानी रहे है।

दियारा क्षेत्र में हो रहा ओवरलोड नौका परिचालन, कभी भी हो सकता है हादसा

जिसका किसी दिन बड़ा खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। बता दें कि ओवर लोड परिचालन की वजह से करीब 14 वर्ष पहले ब्रह्मपुर प्रखंड के दल्लुपुर के पास गंगा के भागड़ में नाव डूबने से 43 लोगों की मौत हो गई थी। इसके अलावे भी कई बार इस इलाके में नाव दुर्घटनाएं हो चुकी है। बावजूद नाविक ओवर लोड नाव का परिचालन करने से परहेज नहीं कर रहे है। जबकि प्रशासन द्वारा भी इस पर कार्रवाई नहीं की जा रही है। जिससे हादसों की आशंका बनी हुई है।

इससे जुड़ी खबरें

और देखें ›

टिप्पणियां 0

✍️

टिप्पणी एडमिन की मंज़ूरी के बाद सबको दिखेगी। अभद्र भाषा का प्रयोग न करें।