खुद की गोली का शिकार निकला प्रिंस, पुलिस जांच में फर्जी ‘हमला’ की कहानी ध्वस्त

केसठ में 26 दिसंबर को गोली लगने से घायल हुए प्रिंस दुबे उर्फ सुमन सौरभ के मामले में पुलिस जांच ने सनसनीखेज मोड़ ले लिया है। जिस घटना को शुरू में आपराधिक हमला बताया जा रहा था, वह दरअसल खुद की लापरवाही का नतीजा निकली। पुलिस के अनुसार प्रिंस को किसी अपराधी ने नहीं, बल्कि उसकी अपनी पिस्टल से ही गोली लगी थी।

खुद की गोली का शिकार निकला प्रिंस, पुलिस जांच में फर्जी ‘हमला’ की कहानी ध्वस्त

--चाट में फेंका गया पिस्टल __ बरामद, अवैध हथियार रखने के आरोप में घायल युवक ही बना आरोपी

केटी न्यूज/बक्सर

केसठ में 26 दिसंबर को गोली लगने से घायल हुए प्रिंस दुबे उर्फ सुमन सौरभ के मामले में पुलिस जांच ने सनसनीखेज मोड़ ले लिया है। जिस घटना को शुरू में आपराधिक हमला बताया जा रहा था, वह दरअसल खुद की लापरवाही का नतीजा निकली। पुलिस के अनुसार प्रिंस को किसी अपराधी ने नहीं, बल्कि उसकी अपनी पिस्टल से ही गोली लगी थी।

घटना के बाद प्रिंस ने पुलिस के सामने बयान दिया था कि अज्ञात बदमाशों ने उसे गोली मारी है। इस बयान के आधार पर मामला चर्चा में बना रहा, लेकिन अनुसंधान के दौरान पुलिस को कई विरोधाभास मिले। सख्ती से पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पूरी कहानी धीरे-धीरे उजागर होती चली गई।

नावानगर थाने की पुलिस ने मंगलवार को उस पिस्टल को बरामद कर लिया, जिसे प्रिंस ने घटना के बाद सबूत मिटाने की नीयत से चाट (झाड़ियों) में फेंक दिया था। हथियार की बरामदगी केसठ और दसियांव के दो युवकों की निशानदेही पर की गई। दोनों को इस मामले में गवाह बनाया गया है।इस पूरे प्रकरण में अनुसंधानकर्ता मंगल भूषण ने स्वयं के बयान पर प्राथमिकी दर्ज कराई है। प्राथमिकी में स्पष्ट उल्लेख है कि घटना के दिन प्रिंस के पास अवैध पिस्टल थी और उसी से चली गोली उसे लगी। यानी घायल खुद ही आरोपी बन गया।

पुलिस के अनुसार हथियार बरामद होने के बाद यह पूरी तरह साफ हो गया है कि गोलीकांड की कहानी गढ़ी गई थी। अब प्रिंस दुबे के खिलाफ अवैध हथियार रखने और उससे संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।इस खुलासे के बाद इलाके में यह चर्चा जोरों पर है कि अपराध से खुद को बचाने के लिए रची गई कहानी आखिरकार पुलिस जांच के आगे टिक नहीं सकी। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है और दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।