छह माह में ही बिखर गई सड़क, डुमरांव के पुराना भोजपुर में निर्माण गुणवत्ता पर उठे बड़े सवाल
डुमरांव नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या 12, पुराना भोजपुर में एनएच 922 मिशन स्कूल के समीप बनी पीसीसी सड़क कुछ ही महीनों में टूटकर बिखरने लगी है। इलाके में इस सड़क को क्षेत्र का महत्वपूर्ण मार्ग माना जाता है, लेकिन निर्माण के छह माह भी पूरे नहीं हुए और सड़क जगह-जगह दरारों व चौड़ी फटनों से भर गई है। सड़क की यह हालत न सिर्फ स्थानीय नागरिकों की परेशानी बढ़ा रही है, बल्कि नगर परिषद और निर्माण एजेंसी की कार्यशैली पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर रही है।
-- नागरिकों ने नगर परिषद से तत्काल जांच और कार्रवाई की मांग की, ठेकेदार पर लापरवाही के आरोप तेज
केटी न्यूज/डुमरांव
डुमरांव नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या 12, पुराना भोजपुर में एनएच 922 मिशन स्कूल के समीप बनी पीसीसी सड़क कुछ ही महीनों में टूटकर बिखरने लगी है। इलाके में इस सड़क को क्षेत्र का महत्वपूर्ण मार्ग माना जाता है, लेकिन निर्माण के छह माह भी पूरे नहीं हुए और सड़क जगह-जगह दरारों व चौड़ी फटनों से भर गई है। सड़क की यह हालत न सिर्फ स्थानीय नागरिकों की परेशानी बढ़ा रही है, बल्कि नगर परिषद और निर्माण एजेंसी की कार्यशैली पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर रही है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस सड़क से किसानों, छात्रों और आम लोगों की रोजाना आवाजाही होती है, वही सड़क अब खतरनाक रूप धारण कर चुकी है। दरारों से भरी सड़क पर चलना मुश्किल होता जा रहा है और बारिश होने पर स्थिति और खराब हो जाती है। नागरिकों का स्पष्ट आरोप है कि निर्माण के दौरान गुणवत्ता से समझौता किया गया है, वरना छह महीने में सड़क का इस तरह टूटना संभव नहीं।

क्षेत्रवासियों के अनुसार, इस निर्माण में या तो निम्नस्तरीय सामग्री का प्रयोग किया गया या सड़क निर्माण मानकों की घोर अनदेखी की गई। यही कारण है कि भारी वाहनों का दबाव तो दूर, सामान्य उपयोग में भी सड़क टिक नहीं पाई। स्थानीय किसानों ने भी सड़क की स्थिति को लेकर चिंता जताई और मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों व ठेकेदारों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
नागरिकों का कहना है कि नगर परिषद करदाताओं के पैसों से सड़क बनाती है, ऐसे में छह महीने में ही सड़क का बर्बाद हो जाना जनता के साथ सरासर धोखा है। क्षेत्रवासियों ने नगर परिषद से इस मामले में तत्काल संज्ञान लेने, निर्माण एजेंसी की जवाबदेही तय करने और जल्द से जल्द सड़क की मरम्मत या पुनर्निर्माण कराने की मांग की है।

लोगों का कहना है कि यदि अब भी प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया, तो आने वाले दिनों में सड़क पूरी तरह टूट जाएगी और हादसों का खतरा और बढ़ जाएगा। फिलहाल नगर परिषद की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन स्थानीय लोग उम्मीद कर रहे हैं कि प्रशासन स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत कदम उठाएगा और जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई कर उन्हें राहत देगा।
डुमरांव के नागरिकों का साफ कहना है कि यह सिर्फ एक सड़क का मसला नहीं, बल्कि जिम्मेदारी और जवाबदेही का प्रश्न है। यदि सार्वजनिक धन से बनने वाले कार्यों में इस तरह की लापरवाही होती रही, तो विकास कार्यों पर लोगों का विश्वास टूटना स्वाभाविक है।
