एसडीपीओ ने कृष्णाब्रह्म थाना में कसी कमान

कानून-व्यवस्था को और चुस्त-दुरुस्त बनाने के उद्देश्य से शुक्रवार को एसडीपीओ पोलस्त कुमार ने कृष्णाब्रह्म थाना का औचक निरीक्षण कर पुलिस व्यवस्था की जमीनी हकीकत परखी। निरीक्षण के दौरान उन्होंने साफ कर दिया कि लंबित मामलों में किसी भी तरह की ढिलाई अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी और हर केस की नियमित मॉनिटरिंग अनिवार्य होगी।

एसडीपीओ ने कृष्णाब्रह्म थाना में कसी कमान

__ लंबित मामलों पर सख्ती, रात्रि गश्ती और छापेमारी तेज करने का आदेश

केटी न्यूज/डुमरांव:

कानून-व्यवस्था को और चुस्त-दुरुस्त बनाने के उद्देश्य से शुक्रवार को एसडीपीओ पोलस्त कुमार ने कृष्णाब्रह्म थाना का औचक निरीक्षण कर पुलिस व्यवस्था की जमीनी हकीकत परखी। निरीक्षण के दौरान उन्होंने साफ कर दिया कि लंबित मामलों में किसी भी तरह की ढिलाई अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी और हर केस की नियमित मॉनिटरिंग अनिवार्य होगी।थाना परिसर में पहुंचते ही एसडीपीओ ने सबसे पहले साफ-सफाई, अभिलेखों के रखरखाव और केस डायरी की स्थिति की गहन जांच की। समीक्षा के दौरान कई मामलों के लंबित रहने पर उन्होंने नाराजगी जताई और थानाध्यक्ष रवि कुमार को निर्देश दिया कि सभी लंबित कांडों का जल्द निष्पादन सुनिश्चित करें।

उन्होंने वारंट और कुर्की-जब्ती की कार्रवाई में तेजी लाने को प्राथमिकता बताते हुए कहा कि इससे अपराधियों पर प्रभावी दबाव बनेगा।अपराध नियंत्रण को लेकर भी एसडीपीओ ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने रात्रि गश्ती को और मजबूत करने तथा संवेदनशील इलाकों में लगातार निगरानी बनाए रखने का निर्देश दिया। साथ ही, असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर पैनी नजर रखने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई करने की बात कही।निरीक्षण के दौरान फरियादियों की समस्याओं के निपटारे पर भी विशेष जोर दिया गया। एसडीपीओ ने स्पष्ट निर्देश दिया कि थाना में आने वाले हर व्यक्ति की शिकायत को गंभीरता से सुना जाए और उसका त्वरित समाधान किया जाए, ताकि आम लोगों का पुलिस पर भरोसा मजबूत हो सके।

शराबबंदी कानून के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर भी उन्होंने सख्ती दिखाई। अवैध शराब के खिलाफ नियमित छापेमारी अभियान चलाने और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा, यातायात नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए नियमित वाहन जांच अभियान चलाने की बात कही गई।निरीक्षण के दौरान पुलिसकर्मियों से संवाद करते हुए एसडीपीओ ने उनकी समस्याएं भी सुनीं और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने का भरोसा दिया। अंत में उन्होंने दो टूक कहा कि बेहतर पुलिसिंग के लिए अनुशासन, तत्परता और जवाबदेही अनिवार्य है—और इसमें किसी तरह की कोताही अब स्वीकार नहीं की जाएगी।