दो हफ्ते में दूसरी बस राख, कटरिया में आधी रात चली ‘आग की साजिश’
राजपुर थाना क्षेत्र के कटरिया गांव में गुरुवार की देर रात एक यात्री बस को आग के हवाले किए जाने की सनसनीखेज घटना ने इलाके में दहशत फैला दी। गांव के बीच खड़ी बस कुछ ही मिनटों में धू-धू कर जल उठी और देखते ही देखते पूरी तरह राख में तब्दील हो गई। घटना ने सिर्फ एक वाहन को नहीं जलाया, बल्कि इलाके में चल रही पुरानी रंजिश और बदले की आशंकाओं को भी हवा दे दी है।

केटी न्यूज/राजपुर
राजपुर थाना क्षेत्र के कटरिया गांव में गुरुवार की देर रात एक यात्री बस को आग के हवाले किए जाने की सनसनीखेज घटना ने इलाके में दहशत फैला दी। गांव के बीच खड़ी बस कुछ ही मिनटों में धू-धू कर जल उठी और देखते ही देखते पूरी तरह राख में तब्दील हो गई। घटना ने सिर्फ एक वाहन को नहीं जलाया, बल्कि इलाके में चल रही पुरानी रंजिश और बदले की आशंकाओं को भी हवा दे दी है।जानकारी के मुताबिक, बस का संचालन मड़निया गांव निवासी सुरेंद्र सिंह यादव करते थे। यह बस रोजाना कटरिया से बक्सर के बीच यात्रियों को लेकर चलती थी। गुरुवार शाम रोज की तरह चालक ने बस को गांव में किसान गंगासागर सिंह के दरवाजे के पास खड़ा किया था। देर रात अचानक बस से आग की ऊंची लपटें उठने लगीं। ग्रामीण जब तक मौके पर पहुंचे, तब तक आग बेकाबू हो चुकी थी। लोगों ने बाल्टी और पानी के सहारे आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन बस पूरी तरह जल चुकी थी।

घटना की सूचना मिलते ही राजपुर थाना प्रभारी निवास कुमार और एसआई सुभाष कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल से कुछ अहम साक्ष्य जुटाए हैं। मामले की तकनीकी जांच के लिए डीआईओ टीम को भी बुलाया गया है।सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर दो सप्ताह के भीतर दूसरी बस को क्यों निशाना बनाया गया? दरअसल, 13 मई को धनसोई थाना क्षेत्र के भरखरा गांव में भी एक बस को इसी तरह आग लगाकर जला दिया गया था। उस मामले में सुरेंद्र सिंह यादव नामजद आरोपी बनाए गए थे। अब कटरिया में हुई इस वारदात के बाद पुलिस पुरानी घटना और नई आगजनी के बीच कनेक्शन तलाश रही है। इलाके में चर्चा है कि यह सिर्फ आगजनी नहीं, बल्कि बदले की पटकथा का अगला अध्याय हो सकता है।

