वैदिक मंत्रोच्चारण व हवन के साथ संपन्न हुआ श्रीराम कथा महोत्सव

प्रखंड के रामपुर गांव में आयोजित सात दिवसीय श्रीराम कथा महोत्सव का समापन रविवार को वैदिक मंत्रोच्चारण, हवन-पूजन एवं पूर्णाहुति के साथ श्रद्धापूर्वक संपन्न हो गया। समापन अवसर पर पूरा कथा परिसर 'जय श्रीराम' के जयघोष से गुंजायमान हो उठा और भक्तिमय वातावरण में श्रद्धालुओं ने धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया।

वैदिक मंत्रोच्चारण व हवन के साथ संपन्न हुआ श्रीराम कथा महोत्सव

--सीताराम विवाह प्रसंग के भावपूर्ण वर्णन से श्रद्धालु हुए भावविभोर

केटी न्यूज/केसठ। 

प्रखंड के रामपुर गांव में आयोजित सात दिवसीय श्रीराम कथा महोत्सव का समापन रविवार को वैदिक मंत्रोच्चारण, हवन-पूजन एवं पूर्णाहुति के साथ श्रद्धापूर्वक संपन्न हो गया। समापन अवसर पर पूरा कथा परिसर 'जय श्रीराम' के जयघोष से गुंजायमान हो उठा और भक्तिमय वातावरण में श्रद्धालुओं ने धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया।कथा के अंतिम दिन प्रसिद्ध कथावाचक मधुसूदन जी महाराज ने भगवान श्रीराम एवं माता सीता के विवाह प्रसंग का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम द्वारा शिव धनुष भंग करने के बाद अयोध्या से राजा दशरथ के नेतृत्व में बारात जनकपुर पहुंची, जहां वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार भगवान श्रीराम और माता सीता का दिव्य विवाह संपन्न हुआ।

विवाह के शुभ अवसर पर देवताओं द्वारा आकाश से पुष्पवर्षा किए जाने तथा राजा जनक और राजा दशरथ के बीच हुए भावपूर्ण संवाद का वर्णन सुन श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।कथा के समापन पर व्यवस्थापक अजय बच्चन के नेतृत्व में श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद का वितरण किया गया। हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर आयोजन की सफलता की कामना की। इस अवसर पर कथा में पधारे साधु-संतों एवं अतिथियों को अंगवस्त्र एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। वहीं भजन-कीर्तन के दौरान देर तक श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर होकर झूमते रहे। पूरे आयोजन में क्षेत्र के बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की सहभागिता रही।