सर्पदंश बना जानलेवा, अंधविश्वास ने छीनी 10 वर्षीय सोनाली की जिंदगी

बक्सर जिले में सर्पदंश की बढ़ती घटनाओं के बीच अंधविश्वास और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी एक बार फिर सामने आई है। डुमरांव प्रखंड के बंझूडेरा गांव में जहरीले सांप के काटने से 10 वर्षीय सोनाली कुमारी की मौत हो गई। ग्रामीणों का कहना है कि यदि बच्ची को समय रहते अस्पताल पहुंचाया जाता, तो उसकी जान बचाई जा सकती थी।

सर्पदंश बना जानलेवा, अंधविश्वास ने छीनी 10 वर्षीय सोनाली की जिंदगी

__ समय पर अस्पताल नहीं पहुंचने से गई मासूम की जान, ग्रामीण क्षेत्रों में एंटी स्नेक वेनम और जागरूकता बढ़ाने की उठी मांग

केटी न्यूज/डुमरांव:

बक्सर जिले में सर्पदंश की बढ़ती घटनाओं के बीच अंधविश्वास और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी एक बार फिर सामने आई है। डुमरांव प्रखंड के बंझूडेरा गांव में जहरीले सांप के काटने से 10 वर्षीय सोनाली कुमारी की मौत हो गई। ग्रामीणों का कहना है कि यदि बच्ची को समय रहते अस्पताल पहुंचाया जाता, तो उसकी जान बचाई जा सकती थी।जानकारी के अनुसार, सोनाली शुक्रवार की रात अपने घर में सो रही थी, तभी उसे सांप ने डंस लिया। परिजनों ने तत्काल चिकित्सकीय उपचार कराने के बजाय झाड़-फूंक का सहारा लिया और उसे कंजिया धाम ले गए। काफी समय बीत जाने के बाद जब उसकी हालत गंभीर हो गई, तब उसे प्रतापसागर अस्पताल लाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया।

मृतका स्वर्गीय राधेश्याम यादव की पुत्री थी। उसके पिता का दो वर्ष पूर्व बीमारी से निधन हो चुका था। तीन बहनों और एक भाई में सबसे छोटी सोनाली की असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है।यह हादसा जिले में सर्पदंश से हो रही लगातार मौतों और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े करता है। जानकारी के अनुसार, पिछले पांच दिनों में जिले में सर्पदंश से नौ लोगों की जान जा चुकी है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोग आज भी वैज्ञानिक उपचार के बजाय झाड़-फूंक पर भरोसा कर रहे हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि अधिकांश प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में एंटी स्नेक वेनम की उपलब्धता नहीं है। ऐसे में मरीजों को अनुमंडल या जिला अस्पताल का रुख करना पड़ता है, जिससे इलाज में देरी हो जाती है। लोगों ने मांग की है कि प्रखंड स्तर तक एंटी स्नेक वेनम की पर्याप्त व्यवस्था की जाए तथा सर्पदंश के मामलों में तत्काल अस्पताल पहुंचने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटनाओं को रोका जा सके।