नाथ बाबा मंदिर से चंदन चोरी में साजिश की बू, सीआईडी जांच की उठी मांग

बक्सर के नाथ बाबा मंदिर परिसर से चंदन के दो पेड़ों की चोरी का मामला अब रहस्यमय और संदेहास्पद बनता जा रहा है। 22 दिसंबर की रात सदर एसडीओ आवास से सटे नाथ बाबा मंदिर में चोरों ने न केवल घुसपैठ की, बल्कि भारी-भरकम चंदन के दो पेड़ काटकर फरार हो गए। हैरानी की बात यह है कि इस सनसनीखेज चोरी के आठ दिन बाद मंदिर से कुछ दूरी पर स्थित यमुना घाट से 48 घंटे के अंतराल पर दोनों चंदन पेड़ों की लकड़ियां बरामद हुईं, लेकिन चोरों का अब तक कोई सुराग नहीं लग सका है।

नाथ बाबा मंदिर से चंदन चोरी में साजिश की बू, सीआईडी जांच की उठी मांग

केटी न्यूज/बक्सर

बक्सर के नाथ बाबा मंदिर परिसर से चंदन के दो पेड़ों की चोरी का मामला अब रहस्यमय और संदेहास्पद बनता जा रहा है। 22 दिसंबर की रात सदर एसडीओ आवास से सटे नाथ बाबा मंदिर में चोरों ने न केवल घुसपैठ की, बल्कि भारी-भरकम चंदन के दो पेड़ काटकर फरार हो गए। हैरानी की बात यह है कि इस सनसनीखेज चोरी के आठ दिन बाद मंदिर से कुछ दूरी पर स्थित यमुना घाट से 48 घंटे के अंतराल पर दोनों चंदन पेड़ों की लकड़ियां बरामद हुईं, लेकिन चोरों का अब तक कोई सुराग नहीं लग सका है।

इस पूरे मामले में पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। बताया जाता है कि चोर सदर एसडीओ आवास परिसर में रखी सीढ़ी और रस्सी का इस्तेमाल कर मंदिर में दाखिल हुए और उसी रास्ते से चंदन के पेड़ों को लेकर बाहर भी निकले। एसडीओ आवास की सुरक्षा में तैनात रात्रि प्रहरी और सुरक्षा गार्ड की भूमिका को लेकर भी संदेह गहराता जा रहा है।सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि चोरी की रात सदर एसडीओ अविनाश कुमार आवास पर मौजूद नहीं थे, वे बक्सर से बाहर थे। वहीं, मंदिर के महंत भी उस रात अनुपस्थित थे।

सवाल यह उठता है कि चोरों को इन दोनों की गैरमौजूदगी की सटीक जानकारी कैसे थी। इसके अलावा नाथ बाबा मंदिर में चंदन के पेड़ होने की जानकारी आम लोगों या नियमित भक्तों को भी नहीं थी, फिर चोरों तक यह सूचना कैसे पहुंची।एक ही घाट से 48 घंटे के अंतराल पर चंदन की लकड़ियों की बरामदगी ने पुलिस जांच पर और भी प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। चोरी की जांच में लगी पुलिस आखिर क्या कर रही थी कि चोर इतनी आसानी से लकड़ियां घाट पर छोड़कर चले गए और किसी को भनक तक नहीं लगी।

मामले की गंभीरता और संभावित अंदरूनी मिलीभगत को देखते हुए अब स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने इस पूरे प्रकरण की ब्प्क् जांच कराने की मांग तेज कर दी है। लोगों का कहना है कि निष्पक्ष और गहन जांच के बिना इस रहस्य से पर्दा उठना मुश्किल है।