“जान दे देंगे, बैंक नहीं हटने देंगे” : उत्तमपुर में फूटा गुस्सा, इंडियन बैंक प्रबंधन पर गंभीर आरोप

प्रखंड के बारूपुर पंचायत अंतर्गत उत्तमपुर गांव में इंडियन बैंक शाखा को हटाने की कथित तैयारी के खिलाफ ग्रामीणों का गुस्सा अब खुलकर सड़कों पर उतर आया है। “जान दे देंगे, बैंक नहीं जाने देंगे” जैसे नारों के बीच मंगलवार को सैकड़ों ग्रामीणों ने पकड़ी चौक से बैंक तक आक्रोश मार्च निकाला और उसके बाद एक विशाल जनसभा कर बैंक प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।

“जान दे देंगे, बैंक नहीं हटने देंगे” : उत्तमपुर में फूटा गुस्सा, इंडियन बैंक प्रबंधन पर गंभीर आरोप

__ शाखा स्थानांतरण के विरोध में उग्र मार्च, फर्जी लेनदेन और किसानों को ऋण न देने के आरोपों ने भड़काया जनाक्रोश

केटी न्यूज/राजपुर

प्रखंड के बारूपुर पंचायत अंतर्गत उत्तमपुर गांव में इंडियन बैंक शाखा को हटाने की कथित तैयारी के खिलाफ ग्रामीणों का गुस्सा अब खुलकर सड़कों पर उतर आया है। “जान दे देंगे, बैंक नहीं जाने देंगे” जैसे नारों के बीच मंगलवार को सैकड़ों ग्रामीणों ने पकड़ी चौक से बैंक तक आक्रोश मार्च निकाला और उसके बाद एक विशाल जनसभा कर बैंक प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।जनसभा की अध्यक्षता कर रहे पूर्व मुखिया मिथिलेश पासवान ने बैंक प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वर्षों से संचालित यह शाखा न केवल उत्तमपुर बल्कि आसपास के कई गांवों की आर्थिक धुरी है।

इसके बावजूद वर्तमान शाखा प्रबंधक द्वारा इसे कहीं और स्थानांतरित करने की कोशिश की जा रही है, जो ग्रामीणों के हितों के खिलाफ है।ग्रामीणों का आरोप है कि बैंक प्रबंधन ने बिना किसी पारदर्शिता के कई संदिग्ध लेनदेन किए हैं। देवढ़िया गांव के चितरंजन राम के मामले को उठाते हुए बताया गया कि बिना किसी स्वीकृति के उनके खाते से एक लाख रुपये काट लिए गए और फर्जी तरीके से ऋण भी दिखा दिया गया, जबकि उन्हें आज तक संबंधित योजना का लाभ नहीं मिला। यहां तक कि जिस टेंपो की खरीद दिखायी गई, उसकी एजेंसी तक का कोई अस्तित्व नहीं है।

आक्रोश का एक बड़ा कारण यह भी है कि क्षेत्र के एक भी किसान को केसीसी ऋण नहीं दिया गया, जिससे किसानों में भारी नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि जब बैंक का उद्देश्य ही ग्रामीणों को सुविधा देना है, तो फिर इस तरह की मनमानी क्यों।पिछले एक महीने से जारी विरोध के बावजूद जब समाधान नहीं निकला तो मामला और गरमा गया। पटना जोनल ऑफिस से समन्वय के लिए अधिकारी भेजने की बात हुई, लेकिन तय तिथि पर अधिकारी नहीं पहुंचे। मंगलवार को भी प्रबंधक ने भीड़ देखकर सीधी बातचीत से परहेज किया, जिससे लोगों का गुस्सा और भड़क गया।

हालांकि, कुछ स्थानीय लोगों से बातचीत में प्रबंधक ने आश्वासन दिया कि बैंक फिलहाल कहीं नहीं जाएगा, लेकिन ग्रामीण इस आश्वासन से संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि यदि उनकी भावनाओं की अनदेखी की गई तो आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से और तेज किया जाएगा।मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे और एक सुर में बैंक प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई।