डुमरांव में भाकपा-माले का प्रतिनिधि चुनाव संपन्न, 15 सदस्य जाएंगे राज्य सम्मेलन
भाकपा-माले के आगामी 12वें बिहार राज्य सम्मेलन के लिए प्रतिनिधियों के चयन को लेकर गुरुवार को डुमरांव स्थित जिला कार्यालय में मतदान कराया गया। शांतिपूर्ण माहौल में हुए इस चुनाव में 27 उम्मीदवार मैदान में थे, जिनमें से 15 प्रतिनिधियों का चयन किया गया। चयनित प्रतिनिधि आगामी 16 से 18 मई तक दरभंगा जिले के लहेरियासराय में आयोजित राज्य सम्मेलन में बक्सर जिले का प्रतिनिधित्व करेंगे।

__ 27 प्रत्याशियों ने ठोकी दावेदारी, सुबह से शाम तक चला मतदान; दरभंगा सम्मेलन को लेकर कार्यकर्ताओं में उत्साह
केटी न्यूज/डुमरांव
भाकपा-माले के आगामी 12वें बिहार राज्य सम्मेलन के लिए प्रतिनिधियों के चयन को लेकर गुरुवार को डुमरांव स्थित जिला कार्यालय में मतदान कराया गया। शांतिपूर्ण माहौल में हुए इस चुनाव में 27 उम्मीदवार मैदान में थे, जिनमें से 15 प्रतिनिधियों का चयन किया गया। चयनित प्रतिनिधि आगामी 16 से 18 मई तक दरभंगा जिले के लहेरियासराय में आयोजित राज्य सम्मेलन में बक्सर जिले का प्रतिनिधित्व करेंगे।निर्धारित कार्यक्रम के तहत सुबह 7 बजे मतदान प्रक्रिया शुरू हुई, जो शाम 4 बजे तक चली। पूरे दिन पार्टी नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की आवाजाही बनी रही। मतदान को पारदर्शी एवं निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराने के लिए भोजपुर जिले के वरिष्ठ नेता एवं पार्टी राज्य कमेटी सदस्य कॉमरेड संजय सिंह पर्यवेक्षक के रूप में मौजूद रहे।

चुनाव में पार्टी के पूर्व जिला सचिव मनोहर, वर्तमान जिला सचिव नवीन कुमार, पूर्व विधायक सह आरवाईए के राष्ट्रीय अध्यक्ष कॉमरेड अजीत कुमार सिंह समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इसके अलावा विभिन्न पंचायतों और प्रखंडों से जुड़े निर्वाचक मंडल के सदस्यों ने भी मतदान में भाग लिया।निर्वाचक मंडल में मणियां के मुखिया, बसांव कला के मुखिया, बीडीसी सदस्य, सरपंच, पूर्व वार्ड पार्षद बुधिया देवी सहित जिला, प्रखंड और पंचायत कमेटी के सदस्य शामिल रहे। सभी मतदाताओं ने बारी-बारी से मतदान कर संगठनात्मक प्रक्रिया में अपनी भागीदारी निभाई।

जिला सचिव कॉमरेड नवीन कुमार ने कहा कि भाकपा-माले में संगठनात्मक चुनाव पूरी तरह लोकतांत्रिक और संतुलित व्यवस्था के तहत कराए जाते हैं। सम्मेलनों में पिछले कार्यकाल की समीक्षा की जाती है और आगामी दिनों के संघर्षों की रणनीति तय होती है।उन्होंने कहा कि राज्य सम्मेलन में बिहार में बढ़ती दमनकारी नीतियों, जनसरोकारों के मुद्दों, नए क्षेत्रों में संगठन विस्तार तथा लोकतांत्रिक शक्तियों के साथ संयुक्त मोर्चा की रणनीति पर विचार-विमर्श होगा। सम्मेलन के अंतिम चरण में नई राज्य कमेटी का गठन कर नई जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी।

