बक्सर के विकास मुद्दों को लेकर प्रो. अखिलेश दुबे ने उठाई आवाज

सिमरी प्रखंड के दुबौली गांव निवासी तथा दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर एवं इतिहास संकलन योजना दिल्ली प्रांत के उपाध्यक्ष प्रो. अखिलेश दुबे ने बिहार में नए राजनीतिक नेतृत्व के बीच राज्य और बक्सर जिले के विकास से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया है। उन्होंने कहा कि बिहार के समग्र विकास के लिए अब सरकार को बुनियादी सुविधाओं, रोजगार सृजन और अधूरी परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने पर ध्यान देना चाहिए।

बक्सर के विकास मुद्दों को लेकर प्रो. अखिलेश दुबे ने उठाई आवाज

__ शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और लंबित परियोजनाओं पर सरकार से त्वरित पहल की मांग

केटी न्यूज/डुमरांव

सिमरी प्रखंड के दुबौली गांव निवासी तथा दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर एवं इतिहास संकलन योजना दिल्ली प्रांत के उपाध्यक्ष प्रो. अखिलेश दुबे ने बिहार में नए राजनीतिक नेतृत्व के बीच राज्य और बक्सर जिले के विकास से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया है। उन्होंने कहा कि बिहार के समग्र विकास के लिए अब सरकार को बुनियादी सुविधाओं, रोजगार सृजन और अधूरी परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने पर ध्यान देना चाहिए।प्रो. दुबे ने विशेष रूप से बक्सर जिले का जिक्र करते हुए कहा कि यहां कई महत्वपूर्ण विकास योजनाएं लंबे समय से लंबित हैं, जिनका लाभ आम लोगों तक अब तक पूरी तरह नहीं पहुंच सका है।

उन्होंने मांग की कि सड़क, सिंचाई, शहरी सुविधाओं और क्षेत्रीय आधारभूत संरचना से जुड़ी परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए, ताकि जिले के विकास को नई गति मिल सके।उन्होंने कहा कि बक्सर सहित पूरे राज्य के युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। इसके लिए औद्योगिक निवेश बढ़ाने, छोटे एवं मध्यम उद्योगों को प्रोत्साहन देने तथा कौशल विकास योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने की जरूरत है। उनका मानना है कि यदि स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजित होगा तो पलायन की समस्या भी कम होगी।प्रो. दुबे ने शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार को भी बेहद जरूरी बताया।

उन्होंने कहा कि सरकारी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, पर्याप्त शिक्षक और आधुनिक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जानी चाहिए। वहीं सरकारी अस्पतालों में डॉक्टर, दवाइयां और बेहतर इलाज की सुविधा आम लोगों को मिलनी चाहिए।कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि सुरक्षित वातावरण विकास की पहली शर्त है। अपराध पर नियंत्रण, प्रशासनिक जवाबदेही और जनता का भरोसा मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए।उन्होंने उम्मीद जताई कि यदि सरकार जनहित के मुद्दों पर गंभीरता से काम करे और योजनाओं को तय समय सीमा में लागू करे, तो बिहार के साथ-साथ बक्सर जिला भी विकास की नई पहचान बना सकता है।